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"14 वर्ष का वनवास और लंकापति रावण का अंत! | श्री राम और धर्म की विजय" 🕉️

Aᴅʜʏᴀᴛᴍᴀ Pʀᴀʙᴏᴅʜᴀ 🪷

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"14 वर्ष का वनवास और लंकापति रावण का अंत! | श्री राम और धर्म की विजय" 🕉️

154 просмотра · 2 недели назад
Aᴅʜʏᴀᴛᴍᴀ Pʀᴀʙᴏᴅʜᴀ 🪷
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क्या आप जानते हैं कि भगवान राम ने केवल अपनी सेना के बल पर नहीं, बल्कि 'धर्म' और 'सत्य' के बल पर रावण जैसे महाज्ञानी और सर्वशक्तिशाली राजा को परास्त किया था? माता कैकेयी के दो वरदानों के कारण राजा राम को अपना राजपाठ त्यागकर 14 वर्षों के लिए वनों में जाना पड़ा। उनके साथ माता सीता और भ्राता लक्ष्मण भी धर्म का पालन करते हुए वन चले गए। पंचवटी से छलपूर्वक लंकापति रावण ने माता सीता का हरण कर लिया। सीता जी की खोज में प्रभु राम की भेंट परम भक्त हनुमान जी और सुग्रीव से हुई, जिसके बाद वानर सेना का गठन हुआ। विशाल समुद्र पर 'रामसेतु' का निर्माण कर सेना लंका पहुँची। भयंकर धर्म-युद्ध के बाद विजयादशमी के दिन प्रभु श्री राम ने रावण के नाभि चक्र में बाण मारकर उसका अंत कर दिया। इसका आध्यात्मिक संदेश यही है कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, धर्म और सत्य के आगे उसे झुकना ही पड़ता है। त्रेतायुग का अंत कैसे हुआ और द्वापरयुग की शुरुआत कैसे हुई? जानिए अंतिम पार्ट में! 'अध्यात्म प्रबोध' को सब्सक्राइब करें।