४९वाँ शक्तिपीठ | माँ नन्दिनी का दिव्य स्तोत्रम् | सुख-शान्ति एवं कृपा हेतु | Nandini Devi Stotram 🔱
उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅
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४९वाँ शक्तिपीठ | माँ नन्दिनी का दिव्य स्तोत्रम् | सुख-शान्ति एवं कृपा हेतु | Nandini Devi Stotram 🔱
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🔱 ॥ श्रीनन्दिनीदेवीस्तोत्रम् ॥
माँ भगवती नन्दिनी की स्तुति को समर्पित यह भक्तिपूर्ण स्तोत्रम् मंगलाचरण, ध्यान, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अङ्गन्यास, अर्गला, कीलक, कुञ्जिका, स्तोत्र एवं फलश्रुति से युक्त है।
🌺 माता नन्दिनी की भक्ति, श्रद्धा एवं समर्पण के साथ स्तुति करें।
🙏 पाठ का आध्यात्मिक उद्देश्य:
🔸 माता के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति का विकास।
🔸 मन की शान्ति एवं सकारात्मक भावों की वृद्धि।
🔸 परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना।
🔸 जगदम्बा की कृपा एवं मंगलकामना।
🪔 ॥ श्रीनन्दिनीदेव्यै नमः ॥
🌺 जय माता नन्दिनी! जय जगदम्बे!
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⚠️ सूचना: स्तोत्र का पाठ श्रद्धा एवं भक्ति के उद्देश्य से प्रस्तुत है। फलश्रुति में वर्णित फल धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।
॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः ॥
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॥ श्रीनन्दिनीदेवीस्तोत्रपाठविधिः ॥
🔸 प्रातःकाल अथवा सायंकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
🔸 पूजा-स्थान में भगवती नन्दिनी का चित्र अथवा विग्रह स्थापित करें।
🔸 दीप प्रज्वलित करके पुष्प एवं श्रद्धानुसार नैवेद्य अर्पित करें।
🔸 मन को शान्त करके माता का ध्यान करें।
🔸 विनियोग एवं न्यास का पाठ अपनी परम्परा और सामर्थ्य के अनुसार करें।
🔸 तत्पश्चात् अर्गला, कीलक, कुञ्जिका एवं श्रीनन्दिनीदेवीस्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
🔸 अन्त में फलश्रुति पढ़कर माता से परिवार के कल्याण, शान्ति एवं मंगल की प्रार्थना करें।
🙏 पाठ करते समय शुद्ध उच्चारण, एकाग्रता एवं भक्तिभाव बनाए रखें।
॥ ॐ श्रीं नन्दिन्यै नमः ॥
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