जीव! तू भ्रमत सदीव अकेला। भागचन्द भजनावली। पं.भागचन्दजी कृत भजन। पं. भरतभाई महेता 'ज्ञायक', सूरत।
samkit dhara
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जीव! तू भ्रमत सदीव अकेला। भागचन्द भजनावली। पं.भागचन्दजी कृत भजन। पं. भरतभाई महेता 'ज्ञायक', सूरत।
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samkit dhara
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