रात की वो गुप्त साधना जिसे हर कोई नहीं कर पाता! जानिए इसके कड़े नियम और सही आहार
Bhram Nivaran - From Confusion To Clarity
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रात की वो गुप्त साधना जिसे हर कोई नहीं कर पाता! जानिए इसके कड़े नियम और सही आहार
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रात की वो गुप्त साधना जिसे हर कोई नहीं कर पाता! जानिए इसके कड़े नियम और सही आहार
श्री राधे-राधे! वृंदावन बिहारी लाल की जय, राधा रानी की जय, श्री गुरुदेव भगवान की जय।
🌸 भक्ति प्रश्नोत्तरी सत्संग | भक्ति साधना एवं भ्रम निवारण 🌸
प्रवचनकर्ता: परम पूज्य श्री स्वामी देवादास जी महाराज
स्थान: भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम ,27 June 2026
📱 यदि आपके मन में भी कोई आध्यात्मिक प्रश्न या शंका है, तो comment में पूछें |
भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम में प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने हेतु उपस्थित होते हैं। समय-समय पर विरक्त महात्मा एवं गुप्त सिद्ध संत भी गुरुचरणों में उपस्थित होकर आध्यात्मिक चर्चा और संत-दर्शन का लाभ प्राप्त करते हैं।
आज के इस विशेष 'भक्ति प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम' में पूज्य गुरु जी ने भक्तों के अत्यंत गूढ़ और व्यावहारिक प्रश्नों के दिव्य समाधान दिए हैं। इस वीडियो में आप जानेंगे कि संतों की वाणी के अनुसार साधन (नाम जप) को साध्य (भगवान) से अधिक महत्व क्यों दिया गया है और ठाकुर जी के सम्मुख आने पर जीव की क्या स्थिति होती है?
इसके साथ ही, इस सत्संग में कई महत्वपूर्ण भक्ति नियमों पर प्रकाश डाला गया है:
मनगढ़ंत मंत्र बनाम गुरु दीक्षा: क्या हम अपने मन से मंत्र बनाकर (जैसे श्याम सुंदर शरणम ममः) जप कर सकते हैं? ऋषियों द्वारा प्रणीत मंत्र और दीक्षा का क्या महत्व है?
श्रीमद्भागवत महापुराण का पूर्ण आश्रय: भागवत जी का पाठ कैसे करें कि उसका पूर्ण आध्यात्मिक लाभ और प्रभु का ध्यान प्राप्त हो?
निकुंज सेवा का रहस्य: क्या निकुंज में युगल सरकार की सेवा हमारे प्रयासों से मिलती है या यह केवल लाड़ली जी की अहैतुकी कृपा से संभव है?
प्रसाद ग्रहण करने के नियम: तीर्थ या मंदिर से आए प्रसाद को खाने का सही अधिकार क्या है? किसी के दान किए हुए भोजन या भंडारे का प्रसाद खाने से भजन क्यों नष्ट होता है, और इससे बचने का क्या उपाय है?
गृहस्थ में रहकर धाम वास: यदि आप दुकान या व्यापार में अत्यधिक व्यस्त हैं, तो घर बैठे मानसिक रूप से वृंदावन धाम वास और सेवा कैसे करें?
रात 11 से 3 बजे की गुप्त साधना: एकांत में रात को भजन करने की सही दिनचर्या, स्वल्प आहार के नियम और कुसंग से बचने के व्यावहारिक तरीके।
दिव्य अनुभवों का रुक जाना: साधना के शुरुआत में होने वाले दिव्य अनुभव (जैसे सुगंध आना, स्वप्न दर्शन) बाद में क्यों बंद हो जाते हैं? क्या इन्हें दूसरों को बताने से अपराध होता है?
यदि आप अपनी भक्ति को सुरक्षित रखना चाहते हैं और अध्यात्म के मार्ग में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें। अपने विचार कमेंट बॉक्स में साझा करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
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