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परशुराम राम लक्ष्मण संवाद रामलीला अगई

Ajay Goswami Vlogs

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परशुराम राम लक्ष्मण संवाद रामलीला अगई

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राम-लक्ष राम-लष्मष्मण-परशुराम सवाद देखत भगृपुति बेष कर ु ाला। उठे सकल भय बिकल भआल ु ा॥ पित समेत क ु हि कहि निज नामा। लगे करन सब दड प्रन ं ामा॥ जेहि सभुायँ चितवहिं हितुजानी। सो जानइ जन आइ ख ु टा ु नी॥ जनक बहोरि आइ सिरु नावा। सीय बोलाइ प्रनाम कर ु ावा॥ आसिष दीन््हहि सखीीं हरषानीीं। निज समाज लै गइ सयानीीं॥ बिस््ववामित्रु मिले पनिु आई। पद सरोज मेले दोउ भाई॥ राम लखन ु ु दसरथ के ढोटा। दीन््हहि असीस देखि भल जोटा।। रामहि चितइ रहे थकि लोचन। रूप अपार मार मद मोचन।। बहुरि बिलोकि बिदेह सन कहहु काह अति भीर। पछत ज ू ानि अजान जिमि ब््ययापेउ कोप सरीसमाचार कहि जनक सनुाए। जेहि कारन महीप सब आए॥ सनत बचन ु फिरि अनत निहारे। देखे चापखड म ं हि डारे॥ अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनष कै तोर ु ा॥ बेगि देखाउ मढ़ न त आज ू । ू उलटउँ महि जहँ लहि तव राज॥ ू अति डरु उतरु देत नपृ नु ाहीीं। कुटिल भप हरषे मन म ू ाहीीं॥ सर म ु निु नाग नगर नर नारी। सोचहि सकल त् ं रास उर भारी॥ मन पछिताति सीय महतारी। बिधि अब सँवरी बात बिगारी॥ भगृपुति कर सभुाउ सनिु सीता। अरध निमेष कलप सम बीता॥ सभय बिलोके लोग सब जानि जानकी भीरु। हृदयँ न हरषु बिषादु कछु बोले श्रीरघबीरु॥ ु नाथ सं भधनु भ ु जं निहारा। होइहि के उ एक दास तम् ु्हहारा॥ आयस कु ाह कहिअ किन मोही। सनिु रिसाइ बोले मनिु कोही॥ सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरि करनी करि करिअ लराई॥ सनहु ु राम जेहि स ं िवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा॥ सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहि सब ं राजा॥ सनिु मनिु बचन लखन मसुकुाने। बोले परसधर ु हि अपमाने॥ बहु धनहीुीं तोरीीं लरिकाइ। कबहुँ न असि रिस कीन््हहि गोसाइ॥ एहि धन पर ममत ु ा केहि हेत। ू सनिु रिसाइ कह भगृ कुुलके त॥ू रे नप ब ृ ालक काल बस बोलत तोहि न सँभार। धनही सम ु तिपर ुारि धनु बिदित सकल सं सार॥ रामचरितमानस मेें यहाँ से आगे की कथा मेें परशराम ु का आक्रोश, लक्ष्‍मण और परशराम के ु बीच व््ययंग््ययोक्‍त‍िपर्ू्ण सं वाद और ऐसी स््थथिति मेें भी राम के धीर-गं भीर शां त स्‍वरूप का वर््णन है। अतत: राम के विनय और विश् ं ्‍ववामित्र के समझाने पर तथा राम की शक्‍त‍ि की प‍रीक्षा लेकर परशराम का आक् ु रोश शां त होता है। राम-लक्ष्‍मण-परशराम स ु ं वाद आप प्रश्‍न-अभ््‍ययास मेें ‘खोजबीन’ के अतं र््गत दिए गए लिं क के माध्‍यम से पढ़ सकते हैैं।