रामा कवर रो घोड़लो song (shyam Paliwal) Ramdevra Part - 2/ ramdev baba ड्रोन shot/ Ramdev Baba Arti
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रामा कवर रो घोड़लो song (shyam Paliwal) Ramdevra Part - 2/ ramdev baba ड्रोन shot/ Ramdev Baba Arti
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"Rama Kanwar Ro Ghodalo Ghumto Aave" is a popular Rajasthani devotional bhajan dedicated to the revered folk deity Baba Ramdevji (Ramapir).
This video produce (Goutam)
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• Song Name: Rama Kanwar Ro Ghodalo Ghumto Aawey (रामा कंवर रो घोड़लो घुमतो आवे)
• Genre: Rajasthani / Marwadi Devotional Bhajan
• Primary Singer: Shyam Paliwal
• Lyricist: Hanuman Singh Inda (traditional/folk roots)
• Music Label/Year: Released widely in 2021 and frequently remixed or re-released for subsequent devotional festival seasons like Ramdevra Yatra
अजमल जी तंवर व माता मैणा दे के घर वि. सं. 1409 को चैत्र शुक्ल बीज के दिन बाबा रामदेवजी का जन्म हुआ, बाबा रामदेव सभी मनुष्यों की समानता में विश्वास रखते थे, चाहे वे उच्च हों या निम्न, अमीर हों या गरीब। उन्होंने गरीबों और उत्पीड़ितों की इच्छाओं की पूर्ति करके उनकी मदद की। उन्हें अक्सर घोड़े पर बैठे हुए दर्शाया जाता है। उनके अनुयायी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, मुंबई, दिल्ली और पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में फैले हुए हैं। राजस्थान में उनके स्मरण में कई मेले आयोजित किए जाते हैं, और उनके नाम पर कई राज्यों में मंदिर बने हुए हैं।[2][3]
मुसलमान रामदेव को रामशा पीर के रूप में पूजते हैं। कहा जाता है कि उनके पास अद्भुत शक्तियाँ थीं और उनकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल गई। किंवदंती के अनुसार, मक्का के पाँच पीर उनकी शक्तियों की परीक्षा लेने आए। रामदेव ने उनका स्वागत किया और उनसे साथ भोजन करने का आग्रह किया। पीरों ने मना कर दिया और कहा कि वे केवल अपने बर्तन से ही भोजन करते हैं, जो मक्का में हैं। रामदेव मुस्कुराए और कहा, "देखो, आपके बर्तन आ रहे हैं", और तभी उनके बर्तन हवा में उड़कर मक्का से यहाँ आ गए। उनकी शक्तियों को देखकर पीरों ने उन्हें सम्मान दिया और उन्हें रामशा पीर कहा।
वे पाँच पीर, जो रामदेव की शक्तियों को देखने आए थे, उनसे इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने उनके साथ रहना तय किया। उनकी कब्रें रामदेव की समाधि के पास स्थित हैं। रामदेव ने अपने जीवन में कुल 24 चमत्कार किए।
रामदेव जयंती, अर्थात् बाबा का जन्मदिवस प्रतिवर्ष उनके भक्तों द्वारा सम्पूर्ण भारत में मनाया जाता है। यह तिथि भाद्र शुक्ल द्वितीया को पड़ती है। रामदेवरा के मंदिर में भादवा सुदी बीज से एकादशी तक एक अंतरप्रांतीय मेले का आयोजन होता है जिसे "भादवा का मेला" कहते हैं। इस मेले में देश के हर कोने से लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु यात्रा करते हुए पहुंचते हैं तथा बाबा की समाधि पर नमन करते हैं। #aarti #babaramdevji #babari #balinature #culture #dalibai #desert #devotion #devotional