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इश्क़ में हम भी हुए पागल | एक सूफ़ियाना क़व्वाली #sufiqawwali #sufisong #sufilovesong #sufisongs

Shouvik Chandra

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इश्क़ में हम भी हुए पागल | एक सूफ़ियाना क़व्वाली #sufiqawwali #sufisong #sufilovesong #sufisongs

280 просмотров · 2 нед. назад
Shouvik Chandra
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🎵 इश्क़ में हम भी हुए पागल Ishq Mein Hum Bhi Hue Pagal एक सूफ़ियाना क़व्वाली — दर्द, मोहब्बत और इश्क़-ए-हक़ीक़ी की तलाश मुखड़ा / स्थायी इश्क़ में हम भी हुए पागल, इश्क़ ने हमको किया बेख़बर, तेरी चाहत में दिल ये खोया, अब न अपना रहा ये दिल, न घर। इश्क़ में हम भी हुए पागल, हाँ, हम भी हुए पागल... तेरा नाम लिया तो दिल ने कहा, बस तू ही है मेरा मुक़द्दर। आकार / आलाप आ... आ... आ... आ... आ... आ... रे... इश्क़... ओ इश्क़... आआआ... इश्क़... तेरा नाम... तेरा नाम... मेरे दिल की धड़कन में... आ... आ... आ... मौला... मौला... पहला अंतरा न दिन का होश, न रात का ठिकाना, तेरे बिना मुश्किल है मुस्कुराना। आँखों में तेरी तस्वीर बसी है, दिल ने तुझको अपना रब माना। तेरी याद में आँसू बहते हैं, तेरी बातों में पल-पल रहते हैं, दुनिया चाहे हमको दीवाना कहे, हम तेरे इश्क़ में ही जीते हैं। कोरस इश्क़ में हम भी हुए पागल, इश्क़ ने हमको किया बेख़बर, तेरी चाहत में दिल ये खोया, अब न अपना रहा ये दिल, न घर। आकार आ... आ... आ... तेरी... तेरी... तेरी... हाय... इश्क़... आआआ... इश्क़... दिल ने पुकारा— या... या... या... दूसरा अंतरा — दर्द-ए-इश्क़ जिस राह पे तू मिले, वही राह हमारी, तेरे बिन अधूरी हर साँस हमारी। तू पास नहीं फिर भी पास है मेरे, तेरी याद बनी है दुनिया हमारी। कभी हँसी में तेरा नाम आए, कभी आँसू बनकर आँखों में छाए, जितना तुझसे दूर जाने की कोशिश की, उतना ही दिल तुझ तक लौट के आए। क़व्वाल / जवाब क़व्वाल: किसका है ये दर्द? जवाब: इश्क़ का! क़व्वाल: किसकी है ये तड़प? जवाब: इश्क़ की! क़व्वाल: किसके लिए ये दिल बेकरार? जवाब: उस यार के लिए... उस यार के लिए! सभी: इश्क़ में हम भी हुए पागल, हाँ, इश्क़ में हम भी हुए पागल! तीसरा अंतरा — अमर इश्क़ की दास्तान सीरी ने फ़रहाद के लिए पत्थर काटे, इश्क़ ने उनके रास्ते भी सँवारे। हीर ने रांझे को दिल में बसाया, दुनिया ने रोका, दिल ने निभाया। लैला के नाम में मजनूँ मिट गया, इश्क़ में अपना हर नाम मिटा गया। ये कैसी मोहब्बत, ये कैसा जुनूँ, जिसमें आशिक़ खुद को ही भुला गया। सीरी-फ़रहाद की कहानी कहे, हीर-रांझा की जवानी कहे, लैला-मजनूँ की रवानी कहे— सच्चा इश्क़ कहाँ हारता है! कोरस — तेज़ इश्क़ न जात पूछे, इश्क़ न धर्म, इश्क़ न देखे कोई दुनिया का कर्म। जिस दिल में सच्ची मोहब्बत जागे, वही दिल बन जाए इश्क़ का हरम! इश्क़ में हम भी हुए पागल, इश्क़ ने हमको किया बेख़बर! तेरी चाहत में दिल ये खोया, अब न अपना रहा ये दिल, न घर! चौथा अंतरा — जुदाई रातों को जागें, तेरा नाम पुकारें, ख़ामोश होंठों से तुझको निहारें। तू दूर है फिर भी दिल के क़रीब है, तेरी याद के सहारे दिन गुज़ारें। ये दूरी भी कैसी सज़ा बन गई, हर धड़कन तेरी दुआ बन गई। मिलना न हुआ तो क्या ग़म है हमें, तेरी चाहत ही मेरी वफ़ा बन गई। आकार — दर्द भरा आ... आ... आ... मिलना... मिलना... आआआ... मिलना... या रब... या रब... मेरा यार मिला दे... आ... आ... आ... मेरा यार... मिला दे... पाँचवाँ अंतरा — इश्क़ से इबादत तक पहले तुझसे मोहब्बत हुई, फिर मोहब्बत से इबादत हुई। तेरा चेहरा देखा तो जाना, हर चेहरे में उसी की कुदरत हुई। इश्क़ अगर सच्चा हो जाए, दिल खुद अपना राज़ बताए। आशिक़ जब खुद को भूल जाए, तब महबूब दिल में उतर आए। मैंने तुझमें अपना रब देखा, मैंने तुझमें अपना सब देखा, तू मिला तो जाना मैंने— इश्क़ ही सबसे बड़ा मज़हब देखा। क़व्वाली जवाब हक़... हक़... हक़... इश्क़... इश्क़... इश्क़... मौला... मौला... मौला... जिस दिल में इश्क़ जगा, उस दिल में नूर जगा! जिस दिल में दर्द रहा, उस दिल में प्यार रहा! तेज़ क़व्वाली भाग क़व्वाल: कहो आशिक़! जवाब: इश्क़ हमारा! क़व्वाल: कहो दिल से! जवाब: नाम तुम्हारा! क़व्वाल: दुनिया छूटे? जवाब: छूटे तो छूटे! क़व्वाल: यार न छूटे? जवाब: यार न छूटे! सभी: यार न छूटे, प्यार न छूटे, दिल से उसका नाम न छूटे। साँस रहे या साँस न रहे, इश्क़ का ये पैग़ाम न छूटे! इश्क़ में हम भी हुए पागल, इश्क़ ने हमको किया बेख़बर! तेरी चाहत में दिल ये खोया, अब न अपना रहा ये दिल, न घर! समापन — सूफ़ियाना आलाप क्या था मेरा... क्या है मेरा... सब तेरा... सब तेरा... दिल भी तेरा... जान भी तेरी... मेरी हर धड़कन तेरी... आ... आ... आ... इश्क़ ने मुझको मुझसे चुराया, इश्क़ ने तेरा रंग चढ़ाया। मैं था ख़ुद में, ख़ुद से दूर, इश्क़ ने मुझको तुझ तक पहुँचाया। सीरी-फ़रहाद का दर्द रहे, हीर-रांझा की आस रहे, लैला-मजनूँ का प्यार रहे, हर दिल में सच्चा इश्क़ रहे। अंतिम कोरस — धीरे से तेज़, फिर फ़ेड आउट इश्क़ में हम भी हुए पागल... हाँ... हम भी हुए पागल... इश्क़ में हम भी हुए पागल... तेरे इश्क़ में हुए पागल... आ... आ... आ... इश्क़... इश्क़... इश्क़... मौला... मौला... तेरा नाम रहे... मेरा प्यार रहे... जब तक ये साँस चले, तेरा इश्क़ मेरे साथ चले... आ... आ... आ... इश्क़... इश्क़... इश्क़... Buy Books from Amazon : Buy This Book : High-performance Entrepreneurhttps://amzn.to/4jIOYi4 Buy This Book : The Story of Google : https://amzn.to/4ziWV2e Buy This Book : Harper Collins India Turning Points : https://amzn.to/4zkrZyx Buy This Product : DECISIVE Fitness Designer Gym Stringer Vest, Gym : https://amzn.to/3VxsWoD