लेजर विधि से फिस्टुला पाइल्स और फिशर का इलाज | Lejar Vidhi se Fistula Piles aur fisher ka ilaj
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लेजर विधि से फिस्टुला पाइल्स और फिशर का इलाज | Lejar Vidhi se Fistula Piles aur fisher ka ilaj
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लेजर विधि (Laser Technique) बवासीर (Piles), फिशर (Anal Fissure) और फिस्टुला (Anal Fistula) जैसी गुदा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए एक आधुनिक, दर्द रहित और सुरक्षित तकनीक है।
यह तकनीक कैसे काम करती है?
पाइल्स (Piles): लेजर बीम की मदद से सूजी हुई रक्त वाहिकाओं को सील कर दिया जाता है, जिससे बवासीर का मस्सा सूख कर सिकुड़ जाता है।
फिशर (Anal Fissure): लेजर से गुदा क्षेत्र की कड़ी या ऐंठन वाली मांसपेशियों का तनाव कम किया जाता है, जिससे घाव तेजी से भरता है।
फिस्टुला (Anal Fistula): FILAC (Fistula Laser Closure) विधि से फिस्टुला ट्रैक्ट (असाधारण नली) के अंदर लेजर फाइबर डालकर उसे अंदर से सील कर दिया जाता है।
लेजर इलाज के प्रमुख फायदे
न्यूनतम दर्द और रक्तस्राव: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में न के बराबर कट-चीरा या टांके लगते हैं।
त्वरित रिकवरी: मरीज आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर डिस्चार्ज हो जाते हैं और 3-4 दिनों में अपनी दिनचर्या में लौट सकते हैं।
मांसपेशियों की सुरक्षा: गुदा की मांसपेशियों (Sphincter muscles) को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, जिससे मल नियंत्रण पर बुरा असर नहीं पड़ता।
संक्रमण का कम जोखिम: लेजर ऊर्जा से बैक्टीरिया नष्ट होते हैं, जिससे इन्फेक्शन की संभावना बहुत कम होती है।