Перейти к содержимому

मां ने कन्या का रूप बनाया अपने भक्तों को दरस | Bhajan Yogendra

Bhajan Yogendra

0:00 / 0:00

मां ने कन्या का रूप बनाया अपने भक्तों को दरस | Bhajan Yogendra

64 829 просмотров · 6 лет назад
Bhajan Yogendra
79,9 тыс. подписчиков
64 829 просмотров · 6 лет назад
मां ने कन्या का रूप बनाया अपने भक्तों को दरस | Bhajan Yogendra माँ ने कन्या का रूप बनाया , अपने भक्तो को दरस दिखाया || (१) माँ की चुनरी है लाल लाल बिंदिया कमाल , लाल हाथो मे मेहंदी रचाई || (२) नैन काजल सजे ,पाँव पायल बजे चूड़ियों की खनक मन को भाया || (३) गले माला सजे ,कान बाला सजे , नाक नथनी शोभा बढ़ाया || (४) दो कमल जैसे नैन बड़े मीठे हैं बैन ' केशो को सुन्दर बनाया || (५) छांव हो चाहे धूप इसका निखरा है रूप , कुटियों को महल बनाया ||