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श्री स्वामी समर्थ जीवन गाथा | अक्कलकोट | #shri swami samarth #Akkalkot #gangapur #dattaguru#viral

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श्री स्वामी समर्थ जीवन गाथा | अक्कलकोट | #shri swami samarth #Akkalkot #gangapur #dattaguru#viral

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1856: श्री स्वामी समर्थ महाराज का अक्कलकोट में आगमन श्री स्वामी समर्थ महाराज वर्ष 1856 में अक्कलकोट आए थे। उस समय अक्कलकोट सोलापुर जिले का एक छोटा-सा संस्थान था। उनके आगमन को एक चमत्कारिक घटना माना जाता है। स्थानीय कथाओं के अनुसार, वे अचानक एक वटवृक्ष के नीचे प्रकट हुए थे। आज यह स्थान वटवृक्ष मंदिर के नाम से जाना जाता है। भक्तों और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, श्री स्वामी समर्थ महाराज मूल रूप से आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम के निकट स्थित कर्दली वन में प्रकट हुए थे। उन्हें भगवान दत्तात्रेय का चौथा अवतार (और शारीरिक रूप में तीसरा अवतार) माना जाता है। साथ ही, ऐसी मान्यता है कि वे गाणगापुर से संबंधित श्री नृसिंह सरस्वती महाराज के पुनर्जन्म थे #swamisamarth​ #shriswamisamarth​ #samarth​ #stotra​ #mahatmya​#swamisamarthmath #swami