थारा मां बेटे का नेग बिगड़ ग्या. राजकिशन जी. किस्सा भक्त पूरणमल. कवि लखमीचंद जी
Manmohan Desi Ragni
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थारा मां बेटे का नेग बिगड़ ग्या. राजकिशन जी. किस्सा भक्त पूरणमल. कवि लखमीचंद जी
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किस्सा - भक्त पूरणमल
रागनी - थारा मां बेटे का नेग बिगड़ ग्या
गायक - राजकिशन अगवानपुरिया जी
कवि - पंडित दादा श्री लख्मीचंद जाटी आले