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Vyasa Maharshi Rudra Stotram (Shiv Stuti) | Soulful Chant for Deep Peace & Positivity 🔱

Dhun ki Gunj

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Vyasa Maharshi Rudra Stotram (Shiv Stuti) | Soulful Chant for Deep Peace & Positivity 🔱

379 просмотров · 7 дней назад
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व्यासमहर्षिप्रोक्तं रुद्रस्तोत्रम् (कूर्मपुराण) - संपूर्ण हिंदी अर्थ व्यास उवाच (महर्षि व्यास बोले): श्लोक 1: संस्कृत: नमो रुद्राय महते देवदेवाय शूलिने। त्र्यम्बकाय त्रिनेत्राय योगिनां गुरवे नमः॥ हिंदी अर्थ: महान रुद्र, देवों के देव, हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले, तीन नेत्रों वाले (त्र्यम्बक) और योगियों के परम गुरु भगवान शिव को बारंबार नमस्कार है। श्लोक 2: संस्कृत: नमोऽस्तु वामदेवाय महादेवाय वेधसे। शम्भवे स्थाणवे नित्यं शिवाय परमेष्ठिने॥ हिंदी अर्थ: वामदेव, महादेव, जगत् की रचना करने वाले (वेधा), कल्याण स्वरूप शंभु, अचल-स्थिर (स्थाणु), नित्य कल्याणकारी शिव और परम पद पर स्थित परमेष्ठी प्रभु को प्रणाम है। श्लोक 3: संस्कृत: नमः सोमाय रुद्राय महाग्रासाय हेतवे। प्रपद्येऽहं विरूपाक्षं शरण्यं ब्रह्मचारिणम्॥ हिंदी अर्थ: उमा (सोम) के सहित विराजमान रुद्र, प्रलयकाल में सम्पूर्ण जगत् का संहार करने वाले (महाग्रास) और सृष्टि के मूल कारण भगवान शिव को नमस्कार है। मैं विचित्र नेत्रों वाले (विरूपाक्ष), शरण देने योग्य और अखंड ब्रह्मचारी प्रभु की शरण ग्रहण करता हूँ। श्लोक 4: संस्कृत: महादेवं महायोगमीशानं चाम्बिकापतिम्। योगिनां योगदातारं योगमायासमावृतम्॥ हिंदी अर्थ: जो महादेव हैं, महायोगी हैं, सर्वेश्वर ईशान हैं और माता पार्वती (अम्बिका) के पति हैं; जो योगियों को योग सिद्धि प्रदान करने वाले हैं तथा अपनी दिव्य योगमाया से आच्छादित हैं, उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ। श्लोक 5: संस्कृत: योगिनां गुरुमाचार्यं योगिगम्यं पिनाकिनम्। संसारतारणं रुद्रं ब्रह्माणं ब्रह्मणोऽधिपम्॥ हिंदी अर्थ: जो योगियों के गुरु व आचार्य हैं, केवल योग द्वारा ही प्राप्य हैं, धनुष (पिनाक) धारण करने वाले हैं, संसार-सागर से पार उतारने वाले हैं, तथा ब्रह्मा एवं वेद (ब्रह्म) के भी स्वामी हैं, उन भगवान रुद्र को नमस्कार है। श्लोक 6: संस्कृत: शाश्वतं सर्वगं शान्तं ब्रह्मण्यं ब्राह्मणप्रियम्। कपर्दिनं कालमूर्त्तिममूर्त्तिं परमेश्वरम्॥ हिंदी अर्थ: जो सनातन (शाश्वत), सर्वव्यापी, परम शांत, वेदों के रक्षक, ज्ञानियों के प्रिय, जटाधारी (कपर्दी), काल स्वरूप, निराकार (अमूर्ति) होते हुए भी परमेश्वर हैं, उन्हें मेरा प्रणाम है। श्लोक 7: संस्कृत: एकमूर्त्तिं महामूर्त्तिं वेदवेद्यं दिवस्पतिम्। नीलकण्ठं विश्वमूर्त्तिं व्यापिनं विश्वरेतसम्॥ हिंदी अर्थ: जो एक रूप होते हुए भी विशाल विराट स्वरूप हैं, वेदों द्वारा जानने योग्य हैं, स्वर्ग के स्वामी हैं, नीलकंठ हैं, सम्पूर्ण ब्रह्मांड जिनका रूप है, जो सर्वव्यापी हैं और संपूर्ण जगत् के बीज (उत्पत्ति कारण) हैं, उन्हें नमस्कार है। श्लोक 8: संस्कृत: कालाग्निं कालदहनं कामदं कामनाशनम्। नमस्ये गिरिशं देवं चन्द्रावयवभूषणम्॥ हिंदी अर्थ: जो प्रलयकाल की अग्नि रूप हैं, काल का भी दहन करने वाले हैं, भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाले हैं और कामदेव का नाश करने वाले हैं; मस्तक पर बाल-चंद्रमा को आभूषण रूप में धारण करने वाले उन कैलाशपति (गिरिश) देव को मैं प्रणाम करता हूँ। श्लोक 9: संस्कृत: विलोहितं लेलिहानमादित्यं परमेष्ठिनम्। उग्रं पशुपतिं भीमं भास्करं परमं तपः॥ हिंदी अर्थ: जो अति तेजस्वी लाल वर्ण वाले (विलोहित), प्रलय-अग्नि की लपटों के समान लपलपाती जिह्वा वाले, सूर्य स्वरूप, परम पद में स्थित, उग्र रूप वाले, समस्त जीवों के स्वामी (पशुपति), अत्यंत भयंकर (भीम), प्रकाशमान भास्कर और परम तप स्वरूप हैं, उन भगवान शिव को मैं नमन करता हूँ। Experience the powerful and resonant vibrations of the Rudra Stotram (from the Kurma Purana), recited in a deep, peaceful male voice. Featuring high-contrast Devanagari (Sanskrit) lyrics, this video is designed for seamless read-along, daily worship, and deep meditation. Key Highlights: Stotram: Rudra Stotram (कूर्मपुराण शिव स्तुति) Language: Sanskrit (Devanagari Script) Vocal Style: Deep Male Voice Ideal For: Daily Chanting, Morning Prayer & Meditation #rudrastotram #shivstuti #kurmapurana #lordshiva #SanskritStotra #MeditativeChants #DailyPrayer #ShivaMantra #mahadev AI Content Disclosure: Visual artwork and media in this video were generated using AI tools and edited alongside Devanagari text overlays to support your meditative experience.