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मुश्किलें आपका प्रकाश नहीं मिटा सकतीं! | भक्तामर स्तोत्र 28 अर्थ सहित

Swami Girish Bharti

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मुश्किलें आपका प्रकाश नहीं मिटा सकतीं! | भक्तामर स्तोत्र 28 अर्थ सहित

195 просмотров · 3 дня назад
Swami Girish Bharti
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🙏 श्री भक्तामर स्तोत्र — श्लोक 28 🌸 केवल संस्कृत पाठ की प्लेलिस्ट:    • श्री भक्तामर स्तोत्र | मूल संस्कृत पाठ   🌸 संस्कृत पाठ + हिंदी अर्थ की प्लेलिस्ट:    • भक्ताम्बर स्तोत्र 1–48 | संस्कृत श्लोक + स...   🌼 मुश्किलों के बादल कितने भी घने हों, क्या उम्मीद की किरण फिर भी चमक सकती है? भक्तामर स्तोत्र के 28वें श्लोक में आचार्य मानतुंग स्वामी भगवान आदिनाथ के निर्मल और तेजस्वी स्वरूप का सुंदर वर्णन करते हैं। अशोक वृक्ष के नीचे विराजमान प्रभु का स्वरूप ऐसा दिखाई देता है, जैसे बादलों के बीच सूर्य अपनी उज्ज्वल किरणों से अंधकार दूर कर रहा हो। 🌸 आज के जीवन में संदेश हमारे जीवन में कभी-कभी परेशानियाँ इतनी बढ़ जाती हैं कि आगे कोई रास्ता दिखाई नहीं देता। लेकिन जैसे बादल सूर्य के प्रकाश को हमेशा के लिए समाप्त नहीं कर सकते, वैसे ही कठिन परिस्थितियाँ भी हमारी आशा और विवेक को समाप्त करना जरूरी नहीं। ✨ मुश्किल समय में धैर्य, सही समझ और आत्मविश्वास बनाए रखें। भगवान आदिनाथ का निर्मल स्वरूप हमें अपने भीतर ज्ञान और शांति का प्रकाश जगाने की प्रेरणा देता है। रचनाकार: आचार्य मानतुंग स्वामी प्रस्तुति: स्वामी गिरीश भारती चैनल: 24 JIN MAHAVEER 🙏 जय जिनेन्द्र! #BhaktamarStotra #BhaktamarShlok28 #BhaktamarSanskrit #BhaktamarHindiMeaning #AdinathBhagwan #JainStotra #JainDharma #JainDevotional #भक्तामरस्तोत्र #भगवानआदिनाथ #उम्मीदकीकिरण #आत्मविश्वास #जीवनकीसीख