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भीतर खोज किनारा | Kabir Das Bhajan | Jogi Bhitar Khoj Kinara | Kabir Nirgun Bhajan | Kabir Ke Dohe

kabir kebol

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भीतर खोज किनारा | Kabir Das Bhajan | Jogi Bhitar Khoj Kinara | Kabir Nirgun Bhajan | Kabir Ke Dohe

6 458 просмотров · 10 месяцев назад
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#nirgunbhajan #kabirkedohe #kabirvani जोगी भीतर खोज किनारा | Kabir Das Bhajan | Jogi Bhitar Khoj Kinara | Kabir Nirgun Bhajan | Kabir Ke Dohe 🌺 भजन :- जोगी भीतर खोज किनारा 🪶रचयिता :- कबीरदासजी ✨ दिव्य कबीर भजन ✨ 👉“जोगी भीतर खोज किनारा” एक अद्भुत *आध्यात्मिक, ध्यानमय और आत्मज्ञान से भरपूर* भजन है, जो मन को भीतर की ओर ले जाकर शांति, सुकून और ईश्वरीय अनुभूति दिलाता है। 👉इस भजन में संत कबीर का उपदेश है— सत्य बाहर नहीं, हमारे भीतर है। शून्य अवस्था में साहिब (ईश्वर) का साक्षात्कार होता है।**              🌿भजन का भावार्थ ( सरल भाषा में ) 🌸1) “जोगी भीतर खोज किनारा…” मनुष्य बाहर-बाहर भटकता रहता है, जबकि सत्य का किनारा (मार्ग) भीतर है। मन को शांत कर अविगत (सूक्ष्म/अदृश्य) ध्वनि को सुनो, वहीं ईश्वर का अनुभव होता है।  💮2) “पांच तत्व की कच्ची देह…” देह नश्वर है—यह पाँच तत्वों से बनी हुई धूप में गलने वाली देह हैं, नौ द्वार वाला शरीर बंद है, “दसवाँ द्वार” (आत्मज्ञान) जब तक नहीं खुलता, तब तक बाहरी पूजा-पाठ, माला-तिलक आदि से सत्य नहीं मिलता। सच्चा मोती भीतर है—अंदर की साधना ही सार्थक है। 🏵️3) “जहां बीन बजे बिन बाजन हारे…” जहाँ बिना बाजे के ही बीन बज रही है, वहाँ न सूरज है, न चाँद—पर ज्ञान का प्रकाश है। जब साधक की सुरति (चेतना) ऊपर गगन मंडल में चढ़ती है, मन आनंद में गाने लगता है। इसी अंदरूनी संगीत से परमात्मा की अनुभूति होती है।  🪷4) “जब मैं को त्याग तू हो जावे…” जब “मैं” (अहंकार) खत्म होता है, तभी सत्य प्रकट होता है, अहम छोड़ना कठिन है, इसी कारण मार्ग कठिन लगता है। कबीर कहते हैं—जीवन जुगनू जैसा क्षणिक है, भीतर का सूरज ही वास्तविक प्रकाश है। 🌻5) “सोहम की धुन सहज बाजे…” जब अंदर “सो-हम” (मैं वही सत्य हूँ) की सहज धुन बजती है, तो द्वैत का अंधकार मिट जाता है। जिसे तुम बाहर ढूँढते हो, वह पिया (ईश्वर) पहले से ही भीतर बैठा है। जो सहजता से साधना करता है, वही परम पद को पाता है।                   🌺भजन का सार ( सरल भाषा मे ) 👉भजन का मूल संदेश यह है कि **सच्चा परमात्मा बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर है**। जो साधक मन को अंदर की ओर मोड़कर शांत करता है, वही “शून्य” अर्थात अहंकार–रहित अवस्था में साहिब (ईश्वर) को पा सकता है। 👉 इस भजन को Like👍, Share👉 & Comment👇 करें, 👉 चैनल को Subscribe 🙏कर आध्यात्मिक सामग्री से जुड़े रहें। Related Queries :-  Kabir bhajan Kabir nirgun bhajan Jogi bhitar khoj kinara Bahir kyo man bhatkave Kabir vani, Nirgun bhajan Kabir ke bhajan Kabir das bhajan Kabir ke bol  Sant kabir bhajan Kabir Saheb bhajan Kabir ke dohe bhajan Kabir bhajan 2025 #kabirBhajan #nirgunbhajan #jogibhitarkhojkinara #bahirkyomanbhatkave#kabirVani  #KabirSaheb #kabirkedohe #kabirkebhajan #kabirdasbhajan #kabirgyan #kabirpath