11वीं सदी का ये शिव मंदिर पांडवों ने मात्र एक रात में बनाया | Karneshwar Mahadev Temple
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11वीं सदी का ये शिव मंदिर पांडवों ने मात्र एक रात में बनाया | Karneshwar Mahadev Temple
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महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर तालुका में स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर एक ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का स्थल है। यह मंदिर हेमाडपंथी शैली में निर्मित है और इसकी वास्तुकला अद्भुत है। मान्यता है कि पांडवों ने इसे कर्ण के सम्मान में बनाया था, लेकिन अधूरा रह गया, जिसे बाद में शिलाहर राजाओं ने पूरा किया।
यह मंदिर चालुक्य राजा कर्णराज द्वारा 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था, जो कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर के निर्माता भी थे। मंदिर काले पत्थरों से निर्मित है, जिसकी लंबाई 26 मीटर और चौड़ाई 23 मीटर है। इसमें तीन भव्य द्वार, शिव पंचायत, दशावतार नक्काशी, नंदी मंडप और भव्य स्तंभ हैं। मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव विराजमान हैं, साथ ही महालक्ष्मी और विष्णु की मूर्तियाँ भी हैं।
श्रावण मास और महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की भीड़ उमड़ती है। संगमेश्वर से मात्र 4 किमी दूर यह स्थल सड़क और रेल मार्ग से सुगमता से पहुँचा जा सकता है। यह मंदिर प्रकृति, इतिहास और भक्ति का अद्भुत संगम है।
Disclaimer - यहाँ मुहैया सूचना केवल मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि तिलक किसी भी प्रकार की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।
किसी भी जानकारी या मान्यता को व्यावहारिक रूप में लागू करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श करना आवश्यक है।
Chapters -
0:00 एपिसोड का आरंभ
0:58 कर्णेश्वर महादेव मंदिर
2:37 विद्वानों के अनुसार...
3:18 संगमेश्वर महात्म्य
4:10 मंदिर के द्वार
4:36 नंदी मंडप
5:32 मुख्य मंडप
6:01 परिसर का ऊपरी भाग
6:42 मंदिर तक आने का विकल्प
8:04 एपिसोड का अंत
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