घर की याद -Class 11th Hindi Core | आरोह
रश्मि विश्वास
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घर की याद -Class 11th Hindi Core | आरोह
638 просмотров · 3 месяца назад
रश्मि विश्वास
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में संकलित कविता 'घर की याद' के रचयिता प्रसिद्ध गांधीवादी कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं। यह कविता कवि ने सन् 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जेल-प्रवास के समय लिखी थी |इस कविता की केंद्रीय संवेदना घर की अवधारणा की सार्थकता और विस्थापन की पीड़ा है। घर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सुरक्षा और आत्मीय संबंधों का केंद्र होता है। देश की आजादी के लिए जेल गए कवि को अपनों से दूर रहने का जो मर्मस्पर्शी दर्द सालता है, उसी का सजीव चित्रण यहाँ किया गया है।