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गंगा पार प्रसंग | Gangapar prasang | Day 06 | निषादराज, केवट संवाद एवं चित्रकूट प्रस्थान 🚩

shri ramleela bharatpur

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गंगा पार प्रसंग | Gangapar prasang | Day 06 | निषादराज, केवट संवाद एवं चित्रकूट प्रस्थान 🚩

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🎬 YouTube Title गंगा पार प्रसंग | राम वनवास लीला मंचन | Day 06 | निषादराज, केवट संवाद एवं चित्रकूट प्रस्थान 🚩 📝 वीडियो विवरण (Hindi Description) 🚩🙏 श्री रामलीला — गंगा पार प्रसंग | दिवस 06 🙏🚩 प्रस्तुत है भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी की वनयात्रा का अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग, जिसमें श्रृंगवेरपुर में निषादराज से भेंट, केवट द्वारा गंगा पार कराना, गंगा माता का पूजन तथा महर्षि भारद्वाज एवं महर्षि वाल्मीकि से भेंट के पश्चात् चित्रकूट प्रस्थान का दिव्य मंचन किया गया है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी श्रृंगवेरपुर पहुँचते हैं, जहाँ उनकी भेंट निषादराज से होती है। प्रभु श्रीराम को वन में देखकर निषादराज का हृदय करुणा से भर उठता है। वे दुःखी होकर कहते हैं कि जो श्रीराम महाराज दशरथ के स्वर्ग के समान राजमहल में निवास करते थे, वे आज वन की झाड़ियों के बीच भूमि पर विश्राम कर रहे हैं। निषादराज के दुःख को देखकर लक्ष्मण जी उन्हें जीवन, सुख-दुःख और विधि के विधान का उपदेश देते हैं। वे समझाते हैं कि संसार में कोई भी किसी के सुख-दुःख का वास्तविक कारण नहीं है; मनुष्य को परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। इसके पश्चात् श्रीराम सुमंत्र जी को अयोध्या लौटने के लिए विदा करते हैं। आगे चलकर उनकी भेंट केवट से होती है। केवट प्रभु श्रीराम को पहचानकर अत्यंत प्रेम और श्रद्धा से उनकी सेवा करने के लिए तत्पर हो जाता है। वह प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी को अपनी नाव में बैठाकर पवित्र गंगा नदी के पार पहुँचाता है। गंगा पार उतरने के पश्चात् जब श्रीराम केवट को उतराई देना चाहते हैं, तब केवट विनम्रतापूर्वक उसे स्वीकार करने से मना कर देता है। वह प्रेमपूर्वक कहता है कि जब प्रभु वनवास पूर्ण करके लौटेंगे, तब वे जो कुछ भी देंगे, वह उसे श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर धारण करेगा। केवट की यह निष्काम सेवा और अनन्य भक्ति सभी भक्तों के हृदय को भावविभोर कर देती है। इसके पश्चात् भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी गंगा माता का पूजन करते हैं और अपनी वनयात्रा आगे बढ़ाते हुए महर्षि भारद्वाज के आश्रम पहुँचते हैं। वहाँ ऋषिवर से भेंट करने के उपरान्त वे महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में पहुँचते हैं। महर्षि वाल्मीकि से श्रीराम निवेदन करते हैं कि वे अपने वनवास के शेष समय में कहाँ निवास करें। इस पर महर्षि वाल्मीकि उन्हें एक मनोहर एवं रमणीय स्थान चित्रकूट के विषय में बताते हैं और वहाँ निवास करने का मार्ग सुझाते हैं। तत्पश्चात् भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी चित्रकूट की ओर प्रस्थान करते हैं। यह पावन प्रसंग हमें सच्ची भक्ति, निष्काम सेवा, विनम्रता, प्रेम, त्याग और प्रभु के प्रति अटूट समर्पण का संदेश देता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🎵 MUSIC CREDITS | संगीत श्रेय Song Title: Hriday Mein Seeta Raam Artist: Agnihotri Bandhu Album: Hriday Mein Seeta Raam Music Label: Worldwide Records Official music reference:   / hriday-mein-seeta-raam   संगीत एवं मूल रिकॉर्डिंग के सभी अधिकार उनके संबंधित कॉपीराइट धारकों के पास सुरक्षित हैं। मूल कलाकारों एवं संगीत निर्माताओं को सादर सम्मान। महत्वपूर्ण सूचना: संगीत का श्रेय देना अपने आप में कॉपीराइट अनुमति नहीं है। आवश्यक लाइसेंस या अनुमति के बिना वीडियो पर कॉपीराइट दावा आ सकता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🔍 SEO Tags Ram Vanvas Leela, Ramleela Day 06, Ganga Paar Prasang, Ganga Par Ram Leela, गंगा पार प्रसंग, गंगा पार लीला मंचन, राम वनवास लीला, राम वनवास लीला मंचन, निषादराज संवाद, Nishadraj Ram Milan, Kevat Samvad, केवट संवाद, Kevat Ram Ganga Paar, केवट ने श्रीराम को गंगा पार कराया, Ram Kevat Leela, Shringverpur, श्रृंगवेरपुर, Lakshman Updesh, लक्ष्मण जी का उपदेश, Sumantra Ram Leela, Ganga Mata Pujan, गंगा माता पूजन, Maharishi Bharadwaj, महर्षि भारद्वाज, Maharishi Valmiki, महर्षि वाल्मीकि, Chitrakoot Prasthan, चित्रकूट प्रस्थान, Ramayan Leela, Ramayan 2026, Ram Leela 2026, Shri Ram, Jai Shri Ram, Ram Siya Ram, Sanatan Dharma, Hindu Devotional Video, Bhakti Video, Ramleela Manchan