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पितृ गायत्री मंत्र | 51 बार जाप | श्राद्ध पक्ष विशेष | Shanti Mantra

Mantra shakti 108

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पितृ गायत्री मंत्र | 51 बार जाप | श्राद्ध पक्ष विशेष | Shanti Mantra

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#vedicmantras #pitragayatrimantra #shradhpaksha श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) के पावन दिनों में अपने पूर्वजों और पितृ देवों की आत्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्ति हेतु परम कल्याणकारी "पितृ गायत्री मंत्र" (Pitra Gayatri Mantra 11 Times Chanting)। जब पितर तृप्त और प्रसन्न होते हैं, तो कुल में सुख, शांति, वंश वृद्धि और समृद्धि का वास होता है। इस पावन मंत्र का श्रवण व नित्य 11 बार जप करने से जन्मकुंडली के समस्त पितृ दोष शांत होते हैं और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिण्ये धीमहि। तन्नो पित्रो प्रचोदयात्॥ सरल अर्थ: हम उन समस्त पितरों का ध्यान करते हैं जो इस जगत और हमारे कुल के संस्कारों को धारण करते हैं। वे पितृ देव हमारी बुद्धि और चेतना को सन्मार्ग और शांति की ओर प्रेरित करें। इस पावन मंत्र के लाभ (Benefits of Pitra Gayatri Mantra): पितृ दोष से मुक्ति: परिवार में बार-बार आ रही बाधाएं, क्लेश और अकारण रुकावटें दूर होती हैं। आत्मिक तृप्ति व मोक्ष: परलोक गए पितरों की आत्मा को शांति, तृप्ति और सद्गति मिलती है। कुल में सुख-शांति: घर के वातावरण से नकारात्मकता दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार होता है। वंश वृद्धि व प्रगति: संतान सुख, शिक्षा और व्यापार में आ रही अड़चनें पितृ कृपा से समाप्त होती हैं। इस मंत्र को कब और कैसे सुनें या जपें? सर्वोत्तम समय: प्रातः काल सूर्योदय के समय (सुबह 6 से 8 बजे) या संध्या काल में। श्राद्ध पक्ष में: तर्पण, पिंडदान या पितरों के भोजन (पंचबली) के समय इस मंत्र को घर में धीमे स्वर में चलाना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। नियम: पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, शांत भाव से दोनों हाथ जोड़कर 11 बार इसका श्रवण या जप करें। #PitraGayatriMantra #ShradhPaksha #PitraDoshNivaran #PitraMantra #ShantiMantraStudio #DevotionalChanting #PitraShanti #VedicMantras