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Ramayana | Lankakand EP 10 | प्रभु श्रीराम द्वारा कुंभकर्ण का अलौकिक मोक्ष-वध

सम्पूर्ण दिव्य रामायण

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Ramayana | Lankakand EP 10 | प्रभु श्रीराम द्वारा कुंभकर्ण का अलौकिक मोक्ष-वध

10 просмотров · 9 дней назад
सम्पूर्ण दिव्य रामायण
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जय श्री राम! हर हर महादेव! सीता राम! जय बजरंग बली! जब पर्वताकार कुंभकर्ण लंका के विशाल परकोटों को लाँघकर काल के समान रणभूमि में उतरा, तो दोनों भाइयों—धर्मनिष्ठ विभीषण और महाबली कुंभकर्ण—के मध्य अश्रुपूर्ण नयनों से कौन-सी अंतिम मार्मिक विदाई संपन्न हुई? और जब अपनी विशाल भुजाओं और पाँवों से वानर सेना को तृण के समान रौंदते हुए वह महाकाय दानव मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के सम्मुख पहुँचा, तो प्रभु के दिव्य ऐन्द्र बाणों से उस त्रिलोकी-विख्यात दैत्य का कौन-सा अलौकिक मोक्ष-वध घटित हुआ?** Please Like, Share, Comment, Subscribe, and Bell button. इस अत्यंत भावपूर्ण और रोमांचक प्रसंग में देखिए रामायण का वह ऐतिहासिक क्षण जब अपने ज्येष्ठ भ्राता रावण के हठ और अश्रुओं से विवश होकर महाबली कुंभकर्ण रणभूमि में उतरता है। उसका विशाल शरीर नगर के द्वारों में नहीं समाता, अतः वह सीधे लंका के विशाल परकोटे को लाँघकर मैदान में आ खड़ा होता है। उस महाकाय दैत्य को देखकर जब वानर सेना में हाहाकार मच जाता है, तब हाथ में गदा लिए धर्मात्मा विभीषण आगे बढ़कर अपने ज्येष्ठ भ्राता के चरणों में मस्तक नवाते हैं। देखिए दोनों भाइयों के उस अश्रुपूर्ण मिलन का अलौकिक दृश्य, जहाँ कुंभकर्ण अपने अनुज को छाती से लगाकर स्नेह के अश्रु बहाता है और उसे कुल का रक्षक बनने का आशीर्वाद देकर सुरक्षित प्रभु श्रीराम के पास लौटा देता है। तदनंतर रणभूमि में कुंभकर्ण के प्रलयंकारी संहार को रोकने के लिए स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कोदंड संभालते हैं। प्रभु श्रीराम के वायव्यास्त्र और ऐन्द्रास्त्र से कुंभकर्ण की दोनों भुजाएं और चरण कट जाते हैं। अंत में सूर्य के समान देदीप्यमान ऐन्द्र बाण से प्रभु उसके विशाल मस्तक को काटकर लंका के द्वार पर गिरा देते हैं और उसका धड़ अगाध समुद्र में जा गिरता है। कुंभकर्ण के शरीर से निकली दिव्य ज्योति प्रभु श्रीराम के पावन श्रीचरणों में विलीन होकर उसे सदा के लिए परम मोक्ष प्रदान करती है। --- *मानस-दर्शन (जीवन का सत्य):* *जीवन का शाश्वत सत्य यह है कि अधर्म के पक्ष में खड़ा कितना भी विराट बलवान क्यों न हो, उसका पतन अवश्यंभावी है। जो परमात्मा के चरणों में समर्पित होता है, वह विभीषण की भांति अमर और कुल का तारक बन जाता है; और जो सत्य को जानकर भी अधर्म के मोह से नहीं छूट पाता, उसका समस्त बल और पौरुष अंततः धूल में मिल जाता है।* --- *सस्पेंस टीज़र (Suspense Teaser):* अब जब अपने पर्वताकार अनुज के वध का समाचार सुनकर लंकापति रावण अचेत होकर भूमि पर गिर पड़ा है, तो रावण के कुल का कौन-सा ऐसा महारथी प्रतिशोध की ज्वाला में जलेगा, जिसने स्वर्ग में देवराज इंद्र को भी बंदी बना लिया था? और उस परम मायावी योद्धा द्वारा आकाश के मेघों की ओट से कौन-सा प्रलयंकारी नागपाश धर्म-सेना पर फेंका जाएगा? जानने के लिए जुड़े रहें! *जय श्री राम! 🙏* --- *हिंदी SEO टैग्स (Hindi SEO Tags):* कुंभकर्ण वध, विभीषण कुंभकर्ण मिलन, श्रीराम कुंभकर्ण युद्ध, कुंभकर्ण का मोक्ष, अध्यात्म रामायण युद्धकांड, वाल्मीकि रामायण कुंभकर्ण, श्रीरामचरितमानस लंकाकांड, आनंद रामायण सारकांड, रावण का विलाप, ऐन्द्रास्त्र श्रीराम, जय श्री राम, Kumbhakarna Vadh, Vibhishan Kumbhakarna Samvad, Shri Ram Kumbhakarna Battle, Kumbhakarna Moksha, Lanka Kand Hindi, Valmiki Ramayan, Jai Shree Ram. *हिंदी SEO हैशटैग्स (Hindi SEO Hashtags):* #कुंभकर्णवध #विभीषण #कुंभकर्ण #प्रभुश्रीराम #श्रीरामयुद्ध #लंकाकांड #रामायण #जयश्रीराम #सनातनधर्म #श्रीरामचरितमानस #वाल्मीकिरामायण #अध्यात्मरामायण #Kumbhakarna #Vibhishan #Ramayan #LankaKand #JaiShreeRam #SitaRam #सीताराम #हरहरमहादेव #जयश्रीराम #जयबजरंगबली #रामचरितमानस