Перейти к содержимому

महापर्व छठ पूजा 2026: डूबते सूर्य को अर्घ्य क्यों देते हैं? छठी मैया की कथा

Divya Gyan Rahasya

0:00 / 0:00

महापर्व छठ पूजा 2026: डूबते सूर्य को अर्घ्य क्यों देते हैं? छठी मैया की कथा

15 просмотров · 8 дн. назад
Divya Gyan Rahasya
123 подписчика
15 просмотров · 8 дн. назад
जय छठी मैया! जय सूर्यदेव! जय श्री कृष्णा मित्रों! 🙏☀️🌊✨ स्वागत है आपका अपने आध्यात्मिक परिवार "Divya Gyan Rahasya" (@DivyaGyanRahasya) पर। लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा (सूर्य षष्ठी 2026 — 13 से 16 नवंबर 2026) की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! पूरी दुनिया हमेशा उगते हुए सूरज को प्रणाम करती है, किंतु क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म में छठ पूजा ही धरती का इकलौता ऐसा महापर्व है जहाँ उगते सूर्य से पहले 'डूबते हुए सूर्य' को पहला अर्घ्य दिया जाता है? आखिर कौन हैं छठी मैया (षष्ठी देवी) और भगवान सूर्य से उनका क्या संबंध है? जानिए ब्रह्मवैवर्त पुराण में राजा प्रियव्रत की कथा, रामायण में माता सीता व महाभारत में कर्ण-द्रौपदी का छठ व्रत, और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का अद्भुत सनातन विज्ञान! 📖 इस वीडियो के मुख्य बिंदु (To-The-Point Chapters / Timestamps): 00:00 - चौंकाने वाला हुक: दुनिया में केवल छठ पूजा में ही डूबते सूर्य को अर्घ्य क्यों देते हैं? 01:05 - छठ महापर्व 2026 की चारों तिथियाँ: नहाय-खाय (13 नवंबर), खरना (14 नवंबर), संध्या अर्घ्य (15 नवंबर) व उषा अर्घ्य (16 नवंबर) 02:15 - ब्रह्मवैवर्त पुराण की कथा: कौन हैं छठी मैया और राजा प्रियव्रत के मृत पुत्र का पुनर्जीवन! 04:00 - त्रेतायुग में माता सीता (मुंगेर) और महाभारत में दानवीर कर्ण व द्रौपदी की छठ उपासना 05:15 - डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के 3 वैज्ञानिक व दार्शनिक रहस्य (उषा-प्रत्युषा और जल-प्रिज्म विज्ञान) 07:05 - बांस का सूप, ठेकुआ, गन्ना और नाक से मांग तक लंबे नारंगी सिंदूर का रहस्य + धन्यवाद ⚠️ शास्त्र एवं AI डिस्क्लोज़र नोट (Shastra & AI Disclosure Note): यह वीडियो ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खंड), महाभारत, रामायण और सनातन धर्म की प्रामाणिक लोक-परंपराओं पर आधारित है। दृश्यों (8K Visuals) और मल्टी-वॉयस प्रस्तुति में AI एवं डिजिटल टूल्स की सहायता ली गई है। #DivyaGyanRahasya #ChhathPuja2026 #ChhathiMaiya #SuryaShashthi #ChhathPujaKatha #WhyWeWorshipSettingSun #NahayKhay #Kharna #SandhyaArghya #SanatanDharma