Iran के लिए दुनिया के Muslim देश क्या एक हो पाएंगे? (BBC Hindi)
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एक तरफ़ 34 साल के सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और दूसरी तरफ़ 94 साल के मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद. अक्सर कहा जाता है कि युवा ख़ून यथास्थिति को बर्दाश्त नहीं करता है लेकिन इस मामले में महातिर मोहम्मद ज़्यादा युवा दिख रहे हैं. क्राउन प्रिंस यथास्थिति को बनाए रखना चाहते हैं जबकि महातिर मोहम्मद दुनिया भर की यथास्थिति के ख़िलाफ़ बोल रहे हैं. नए साल की शुरुआत ईरान के लिए सबसे बुरी रही. अमरीका ने तीन जनवरी को उसके सबसे तेज़-तर्रार माने जाने वाले सैन्य कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी को मार दिया. ईरान में इसे लेकर काफ़ी ग़ुस्सा दिखा और सड़कों पर जनरल सुलेमानी के समर्थन में जनसैलाब उमड़ गया. ईरान ने बदले की बात की लेकिन कुछ ख़ास कर नहीं पाया. इस मुश्किल वक़्त में ईरान बिल्कुल अकेला दिखा. वह न केवल पूरी दुनिया में अकेला दिखा बल्कि इस्लामिक दुनिया के देश भी साथ खड़े नहीं हुए. मलेशिया एकमात्र मुस्लिम बहुल देश था जो ईरान के समर्थन में खड़ा हुआ. दुनिया के सबसे बुज़ुर्ग प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जनरल क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद कहा कि अब वक़्त आ गया है कि मुस्लिम देश एकजुट हो जाएं.
स्टोरी: रजनीश कुमार
आवाज़: पवन सिंह अतुल
#Iran #IranVsUSA #Muslims
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