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हिंदी साहित्य:- आधुनिक काल का वर्गीकरण !! ||भारतेंदु युग,द्विवेदी युग pramukh kavi aur rachnayen

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हिंदी साहित्य:- आधुनिक काल का वर्गीकरण !! ||भारतेंदु युग,द्विवेदी युग pramukh kavi aur rachnayen

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हिंदी साहित्य:- आधुनिक काल का वर्गीकरण !! ||भारतेंदु युग,द्विवेदी युग pramukh kavi aur rachnayen हिंदी साहित्य:- आधुनिक काल का वर्गीकरण !! ||भारतेंदु युग,द्विवेदी युग pramukh kavi aur rachnayenहिंदी साहित्य:- रीतिकाल हिंदी साहित्य !! भारतेंदु हरिश्चंद्र युग की कविता (1850-1900) : इस काल के प्रमुख कवि - भार्तेन्दु हरिश्चन्द्र, प्रताप नारायण मिश्र, बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन', राधाचरण गोस्वामी औउर अम्बिका दत्त व्यास है। पं महावीर प्रसाद द्विवेदी युग की कविता (1900-1920) : इस काल के प्रमुख कवि - अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', रामचरित उपध्याय, जगन्नाथ दास रत्नाकर, गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही', श्रीधर पाठक, राम नरेश त्रिपाठी, मैथिलीशरण गुप्त, लोचन प्रसाद पाण्डेय और सियारामशरण गुप्त है। छायावादी युग की कविता (1920-1936 ) : इस काल के प्रमुख कवि - जयशंकर प्रसाद, निराला, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा है। उत्तर-छायावाद युग-(1936-1943) : इस काल के प्रमुख कवि - माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', सुभद्रा कुमारी चौहान, रामधारी सिंह 'दिनकर', हरिवंश राय 'बच्चन', भगवतीचरण वर्मा, नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल 'अंचल', शिवमंगल सिंह 'सुमन', नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, त्रिलोचन और रांगेयराघव है।