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द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और अभिमन्यु ने शंख क्यों बजाए? | गीता अध्याय 1 श्लोक 18 | Geeta Marm

गीता मर्म (Geeta Marm)

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द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और अभिमन्यु ने शंख क्यों बजाए? | गीता अध्याय 1 श्लोक 18 | Geeta Marm

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भगवद् गीता अध्याय 1 श्लोक 18 में राजा द्रुपद, द्रौपदी के पाँचों पुत्र और सुभद्रा पुत्र अभिमन्यु के शंखनाद का वर्णन है। जानिए इस श्लोक का सरल हिंदी अर्थ और कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में इसका संदर्भ। 📖 श्लोक 18: द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वशः पृथिवीपते। सौभद्रश्च महाबाहुः शङ्खान्दध्मुः पृथक्पृथक्॥ १८॥ अर्थ: राजा द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और महाबाहु अभिमन्यु ने अपने-अपने शंख बजाए। इस वीडियो में भगवद् गीता के इस श्लोक को संस्कृत पाठ, सरल हिंदी अर्थ और प्रसंग के साथ समझें। 🙏 Geeta Marm पर भगवद् गीता को श्लोक-दर-श्लोक सरल हिंदी में जानें। bhagavad gita, bhagavad gita chapter 1, bhagavad gita chapter 1 shloka 18, bhagavad gita 1.18, bhagavad gita 1 18, geeta chapter 1, geeta adhyay 1 shlok 18, geeta shlok 18, bhagavad gita in hindi, bhagavad gita hindi, geeta meaning in hindi, geeta ka arth, श्रीमद्भगवद्गीता, भगवद गीता अध्याय 1, भगवद गीता श्लोक 18, गीता अध्याय 1 श्लोक 18, गीता श्लोक 18, राजा द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र, अभिमन्यु, सुभद्रा पुत्र, पांडव सेना, शंखनाद, कुरुक्षेत्र, अर्जुन विषाद योग, geeta marm #BhagavadGita #GeetaMarm #GeetaShlok #GitaChapter1 #GeetaInHindi #Abhimanyu #Draupadi #Kurukshetra