Перейти к содержимому

जिसके सपने हमें रोज आते रहे ये बता दो कहीं तुम वही तो नहीं बहुत ही सुंदर गीत छोटू छलिया की आवाज में

chotu chaliya prayagraj

0:00 / 0:00

जिसके सपने हमें रोज आते रहे ये बता दो कहीं तुम वही तो नहीं बहुत ही सुंदर गीत छोटू छलिया की आवाज में

143 просмотра · 8 дней назад
chotu chaliya prayagraj
7,3 тыс. подписчиков
143 просмотра · 8 дней назад
यह गीत 1970 की बॉलीवुड क्लासिक फ़िल्म《गीत》का एक अमर प्रेम गीत है, जिसके बोल प्रसिद्ध गीतकार हसरत जयपुरी ने लिखे हैं और संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने दिया है। इस बार प्रस्तुत छोटू छलिया का संस्करण पुराने गीत की मधुर धुन को अपनी अनोखी भोजपुरी मिठास के साथ प्रस्तुत करता है, जो एक अलग रोमांटिक एहसास देता है। गीत के बोल का सार: गीत में बार-बार पूछा गया है "बताओ, कहीं तुम वही तो नहीं", जिसमें सपनों में बार-बार आने वाले उस अनजाने प्रेमी के प्रति तीव्र चाहत और प्यार व्यक्त किया गया है। झरनों की आवाज़ में उसके पायल की आवाज़ सुनना, ठंडी हवा में उसकी बांसुरी की धुन महसूस करना—ये सभी विस्तृत वर्णन प्रेमियों के बीच गहरे जुड़ाव और पिछले जन्मों के बंधन को दर्शाते हैं।