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विभूतिनाथ मंदिर श्रावस्ती | गुप्तकाशी | Vibhuti nath Temple Shrawasti | विभूतिनाथ मंदिर

Nimesh Mishra

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विभूतिनाथ मंदिर श्रावस्ती | गुप्तकाशी | Vibhuti nath Temple Shrawasti | विभूतिनाथ मंदिर

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Nimesh Mishra
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पांडव कालीन विभूति नाथ मंदिर श्रावस्ती Ancient Vibhuti nath Temple Shravasti vibhuti nath mandir sirsiya shravasti vibhuti nath mandir विभूतिनाथ मंदिर श्रावस्ती प्राचीन शिव मंदिर भभूतिनाथ मंदिर vibhutinath mandir kahan hai vibhutinath mandir kaise jaaye vibhutinath mandir ka itihas vibhutinath mandir ki yatra pauranik mandir pracheen mandir sawan me jaane ke liye prasiddh shiv mandir saawan shankar bhagwan ke mandir -----विभूतिनाथ मंदिर का इतिहास------ श्रावस्ती जिले के सिरसिया ब्लाक स्थित विभूति नाथ मंदिर महाभारत काल से ही स्थापित है इसे गुप्तकाशी भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कौरवों से जुए में हारने के पश्चात जब द्रौपदी सहित पांचो पांडव ने अज्ञातवास प्रारंभ किया उस समय इस जगह पर भी उन्होंने निवास किया | और इसी समय में महाबली भीम ने इस शिवलिंग की स्थापना की तथा भीम गांव नामक शहर भी बसाया जिसे हम लोग आज भिनगा के नाम से जानते हैं जो श्रावस्ती जिले का जिला मुख्यालय है । एक मान्यता यह भी है की अज्ञातवास के अंतिम दिनों में पांडवों को खोजने हेतु दानवीर कर्ण भी यहां आया था और यहां स्थापित शिवलिंग को देखकर वह यहां रुका और भगवान शिव की आराधना भी की परंतु मंदिर के आसपास कोई नदी या सरोवर ना होने के कारण उन्हें पूजन अर्चन में काफी समस्या हुई तो उन्होंने अपने बाण के माध्यम से यहां पर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत की स्थापना की जो वर्ष के 12 महीने शुद्ध जल से भरा रहता है और जल की कमी होने पर उतना ही जल फिर आ जाता है । कट्टर इस्लामी शासक महिउद्दीन औरंगजेब ने 1659 में अपने को औरंगजेब बहादुर आलमगीर बादशाह गाजी की उपाधि लेकर धार्मिक उन्माद की नीति अपनाई तो उसके विश्वास पात्र सिपहसालारों ने विभूतिनाथ मंदिर पर भी कई आक्रमण और तमाम तपस्वियों को मौत के घाट उतार दिए ऋषियों मुनियो ने मंदिर के कई छोटे छोटे मूर्तियों को उस छोटे जलस्त्रोत गुप्तकाशी में प्रवाहित कर दिया । बाद में उनका प्रयोग पुनः मंदिर निर्माण में हुआ । इस्लामिक आताताइयो ने खजाने की खोज में शिवलिंग की खुदाई करने का भी प्रयास किया परंतु वह जितना खोदते शिवलिंग उतना नीचे तक मिलता जाता बाद में परेशान होकर शिवलिंग को आर्य से काटने का प्रयास किया गया तो शिवलिंग से रुधिर स्त्राव होने लगा यह देख कर आता ताई घबरा गए और यहां से भाग गए इस प्रकार शिवलिंग तो बच गया लेकिन यहां पर स्थित अनेक छोटे मंदिर तबाह हो गए थे । ‪@DesiTravel‬ #saawan #bholenath #shivbhakti #nimeshmishra