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Dhaga - Sep17 | (Official Audio) | Soulful Sufi & Folk Fusion

Sep17 Music

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Dhaga - Sep17 | (Official Audio) | Soulful Sufi & Folk Fusion

102 просмотра · 11 дн. назад
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"धागा-धागा नाम तेरा, चरखा दिल का काते... जितना तुझको भूलना चाहूँ, उतना पास तू आते।" "Dhaga" is a deeply moving Sufi-folk fusion song rooted in unconditioned devotion, longing, and eternal love. Built around the classic metaphor of the charkha (spinning wheel) and the unbreakable thread (dhaga) of love, this track weaves traditional Indian folk poetry with warm acoustic textures. 🎧 Best experienced with headphones. Drop a comment with your favorite line if this song touched your soul! 🔔 Subscribe to Sep17 for more soulful storytelling and indie drops:   / @sep17music   📝 Lyrics Snippet: रात कतेरी, नैन न सोवें, तेरा नाम ही दिल में रोवें। चुप चुप बैठा चर्खा कातूँ, धागे में तेरे ख़्वाब पिरोवें। हाय वे सजना, हाय वे माहिया, तेरे बिन सूना मेरा राहीया। एक तेरा दीदार मिले तो, रूह कहे — बस हो गई वाहिया। धागा-धागा नाम तेरा, चरखा दिल का काते। जितना तुझको भूलना चाहूँ, उतना पास तू आते। हाय रे इश्क़, तेरी रीत निराली, दर्द भी तेरा, तू ही खुशहाली। घाव दिए तो मरहम भी तू, तू ही प्यासा, तू ही प्याली। नैनों में तेरी तस्वीर बसी, साँसों में तेरी ख़ुशबू बसी। मैंने तुझको चाहा ऐसे, जैसे मिट्टी में बारिश बसी। माही मेरा दूर खड़ा है, फिर भी दिल के पास खड़ा है। दुनिया कहती भूल जा उसको, दिल कहता — ये इश्क़ बड़ा है। हाय वे सजना... हाय वे माहिया... तेरे नाम की डोरी फड़ के, बैठा तेरा इक फ़क़ीरिया। ना मैं मंदिर, ना मैं मस्जिद, ना मैं कोई दरबार माँगूँ। तेरी गली की धूल मिल जाए, बस इतना उपकार माँगूँ। धागा टूटे, चरखा रूठे, फिर भी तेरा नाम न छूटे। साँस रहे या साँस न रहे, इश्क़ तेरा दिल से न छूटे। हाय... इश्क़ तेरा दिल से न छूटे... हाय माहिया... नाम तेरा दिल से न छूटे... #Dhaga #Sep17 #SufiSong #PunjabiFolk #DevotionalLove #IndieFolk #AcousticHindi #SoulfulMusic #DesiIndie