पद्मावत : नखशिख खण्ड (संपूर्ण व्याख्या) - मलिक मोहम्मद जायसी | Masterclass | हिंदी वारिधि
हिंदी वारिधि
0:00 / 0:00
पद्मावत : नखशिख खण्ड (संपूर्ण व्याख्या) - मलिक मोहम्मद जायसी | Masterclass | हिंदी वारिधि
24 просмотра · 3 недели назад
हिंदी वारिधि
37 подписчиков
24 просмотра · 3 недели назад
नमस्कार साथियों! 🙏 'हिंदी वारिधि' के इस विशेष सत्र में भक्तिकाल की निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा रचित महाकाव्य 'पद्मावत' के प्रसिद्ध 'नखशिख खण्ड' के सभी 20 पदों की प्रामाणिक, विस्तृत और परीक्षा-उपयोगी व्याख्या प्रस्तुत की गई है।
इस एक ही वीडियो में हीरामन तोता द्वारा राजा रत्नसेन के समक्ष सिंहलद्वीप की राजकुमारी पद्मावती के सिर के केशों से लेकर पैरों के नाखूनों तक (नख-शिख) के सम्पूर्ण सौंदर्य, प्रमुख अलंकारों, प्रतीकों और जायसी के सूफी रहस्यवाद (इश्क मजाज़ी से इश्क हकीकी) को सरल भाषा में समझाया गया है।
पद 1: केश-सौंदर्य वर्णन ("का सिंगार ओहि बरनौं राजा...") — कस्तूरी, नाग, वासुकि की उपमा।
पद 2: माँग-सौंदर्य वर्णन ("बरनौं मांग सीस उपराहीं...") — कसौटी पर सोने की रेखा, दीपक, यमुना में सरस्वती का संगम।
पद 3: ललाट (माथा) वर्णन — द्वितीया का चाँद, सूर्य के प्रकाश का लजाना।
पद 4: भौंहें (भ्रुव) वर्णन — कामदेव का धनुष, काल-रूपी बाण, इन्द्रधनुष का लज्जित होना।
पद 5: नयन (आँखें) वर्णन — खंजन पक्षी, समुद्र की लहरें, कटाक्ष।
पद 6: बरौनी (पलकें) वर्णन — बाणों की सेज, सेही के कांटे और पक्षियों के पंखों का रूपक।
पद 7: नासिका (नाक) वर्णन — तोते की चोंच (शुक-चंचु), तलवार की धार।
पद 8: कपोल (गाल) एवं तिल वर्णन — दर्पण जैसे गाल, मुख पर काला तिल।
पद 9: अधर (होंठ) वर्णन — बिम्बाफल, पान का गहरा रंग, अमृत-रस।
पद 10: दशन (दाँत) वर्णन — बत्तीस दाँतों की चमक, अनार के दानों का फटना, हीरों की द्युति।
पद 11: रसना (जीभ) एवं वाणी वर्णन — कोयल और चातक की ध्वनि को मात देती अमृतवाणी।
पद 12: ग्रीवा (गर्दन/गला) वर्णन — शंख के समान त्रि-रेखा युक्त कंठ, मयूर-ग्रीवा।
पद 13: बाहु (भुजाएँ) वर्णन — खराद पर तराशे स्वर्ण-दण्ड, कमल-नाल।
पद 14: हथेली एवं आभूषण वर्णन — लाल कमल जैसी हथेलियाँ, कंगन-ताड़।
पद 15: उरोज (स्तन/हृदय) वर्णन — सुमेरु शिखर, स्वर्ण-कलश।
पद 16: उदर (पेट) एवं रोमावली वर्णन — चंदन स्तम्भ पर चढ़ती भौंरों की कतार, सूक्ष्म रोमावली।
पद 17: नाभि वर्णन — बनारस का कुण्ड, भँवर।
पद 18: कटि (कमर) वर्णन ("तेंहि रिसि रकत मनई कर...") — सिंह और भिड़ (ततैया) की कमर से भी क्षीण, कमल-नाल का भीतरी तंतु।
पद 19: जंघा (जांघें) एवं चाल वर्णन — केले के खंभे, गजगामिनी गति।
पद 20: चरण एवं नख (पैर व नाखून) वर्णन — लाल कमल जैसे तलवे, तारों जैसे चमकते नाखून और सम्पूर्ण आध्यात्मिक रहस्यवाद।
NTA UGC-NET / JRF (हिंदी साहित्य)
UPESSC / RPSC / MPPSC / HPSC सहायक आचार्य (Assistant Professor)
UP TGT / PGT, DSSSB, KVS, NVS
B.A. एवं M.A. हिंदी साहित्य (विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम) आदि के लिए अति महत्त्वपूर्ण ।
📚 संदर्भ ग्रंथ:
जायसी ग्रंथावली (संपादक: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल)
🔔 हिंदी साहित्य की गहन और प्रामाणिक कक्षाओं के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें:
👉 @HindiVaridhi (हिंदी वारिधि)
#Padmavat #NakhshikhKhand #MalikMuhammadJayasi #HindiSahitya #UGCNETHindi #AssistantProfessorHindi #HindiVaridhi #JaisiGranthavali #OneShotRevision #BhaktiKal
#assistantprofessor #bpsc #currentaffair
#HindiVaridhi