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कबीर साहेब का स्त्रोतम 🙏 | Kabir Saheb Stotram | सुनने मात्र से मन को मिलेगी शांति Stotram

Sadguru Kabir Atmgyan

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कबीर साहेब का स्त्रोतम 🙏 | Kabir Saheb Stotram | सुनने मात्र से मन को मिलेगी शांति Stotram

1 048 просмотров · 8 ч назад
Sadguru Kabir Atmgyan
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🙏 सतगुरु कबीर साहेब जी को कोटि-कोटि प्रणाम 🙏 प्रस्तुत है परम संत सद्गुरु कबीर साहेब जी का पावन स्त्रोतम। इस दिव्य स्तुति के माध्यम से सतगुरु की महिमा, भक्ति और आत्मज्ञान का स्मरण करें। 🌺 कबीर साहेब की अमृतवाणी और उनके दिव्य ज्ञान का श्रवण करें तथा अपने जीवन में सतनाम, सुमिरन और भक्ति को स्थान दें। ✨ वीडियो को पूरा सुनें और सतगुरु कबीर साहेब जी की महिमा का आनंद लें। 🙏 यदि आपको यह स्त्रोतम अच्छा लगे तो: 👍 वीडियो को LIKE करें। 🔔 चैनल को SUBSCRIBE करें। 📲 अपने परिवार और मित्रों के साथ SHARE करें। Singer : Krishna Parihar Lyrics Music By : Gopal Parihar अमरलोकपतिं देवं हंसानां परिपालकम्। कालजालविनाशं च कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ भक्तवत्सलं दीनबन्धुं शरणागतपालकम्। दुखदारिद्र्यहरणं च कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ संतसमाजशोभितं च सत्संगामृतदायकम्। मुक्तिमार्गप्रदर्शकं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ काशीक्षेत्रे प्रकटितं लहरतारा सरोवरे। बालरूपेण शोभितं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ नीरु-नीमा-पालितं च भक्तहृदयवासिनम्। जुलाहवेषधारिणं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ मगहरदेशे देहत्यागं पुष्परूपं गतं विभुम्। अजरामरं अविनाशिं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ सारशब्दप्रकाशकं सुरतिनिरतिदायकम्। अनामी महलवासिनं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ पंचतत्त्वातिगं शुद्धं त्रिगुणरहितं परम्। योगदण्डधरं दिव्यं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ दयाब्धिं धीरं सौम्यं च सुप्रसन्नमुखाम्बुजम्। श्वेतमुकुटशोभितं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ मुक्तामालाशोभितं च श्वेतवस्त्रधरं शुभम्। ऊर्ध्वतिलकशोभितं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ कालकर्मभयनाशं च जन्ममृत्युविनाशकम्। परमधामप्रदातारं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ सद्गुरोः चरणाम्भोजे मम चित्तं सदा स्थितम्। सर्वसिद्धिप्रदातारं कबीरं भजेऽहं भजेऽहं॥ 🌸 सतगुरु कबीर साहेब की जय 🌸 🌸 सतनाम साहेब 🌸 #KabirSaheb #KabirStotram #कबीरसाहेब #KabirVani #KabirBhajan #SatguruKabir #KabirAmritvani #KabirSahib #Satnam #KabirDas