Перейти к содержимому

मध्य प्रदेश में कांग्रेस क्यों हारी ? | 1956 से 2026 तक MP की पूरी Political History

Aadesh Rawal

0:00 / 0:00

मध्य प्रदेश में कांग्रेस क्यों हारी ? | 1956 से 2026 तक MP की पूरी Political History

31 296 просмотров · 1 день назад
Aadesh Rawal
47,8 тыс. подписчиков
31 296 просмотров · 1 день назад
मध्य प्रदेश की राजनीति की कहानी सिर्फ चुनावी नतीजों की कहानी नहीं है। यह कहानी है कांग्रेस के लंबे राजनीतिक प्रभुत्व, गुटबाजी, बड़े नेताओं, सिंधिया परिवार, बीजेपी के उदय और सत्ता के बदलते समीकरणों की। 1956 में नए मध्य प्रदेश के गठन से लेकर द्वारका प्रसाद मिश्र, श्यामाचरण शुक्ल, अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ तक कांग्रेस ने राज्य की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी तरफ उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के दौर में बीजेपी ने मध्य प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की। इस वीडियो में समझिए मध्य प्रदेश की राजनीतिक यात्रा—1967 में कांग्रेस सरकार के संकट से लेकर 1993-2003 के दिग्विजय सिंह शासन तक, 2003 में बीजेपी की बड़ी जीत से लेकर 2018 में कांग्रेस की वापसी और 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद कमलनाथ सरकार के पतन तक। साथ ही जानिए 1967 और 2020 के बीच सिंधिया परिवार से जुड़ी उस राजनीतिक समानता को, जिसने मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के सत्ता समीकरण को दो अलग-अलग दौर में प्रभावित किया। 2023 में बीजेपी की वापसी, शिवराज सिंह चौहान के बाद मोहन यादव का मुख्यमंत्री बनना और आज कांग्रेस के सामने मौजूद नेतृत्व और संगठन की चुनौतियां भी इस राजनीतिक यात्रा का अहम हिस्सा हैं। क्या मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस फिर मजबूत भूमिका बना सकती है? क्या नए नेतृत्व और संगठन के जरिए पार्टी अपना पुराना जनाधार वापस हासिल कर पाएगी? इस वीडियो में मध्य प्रदेश की राजनीति को इतिहास से वर्तमान तक समझने की कोशिश की गई है। #MadhyaPradesh #MPPolitics #MadhyaPradeshPolitics #Congress #BJP #ShivrajSinghChouhan #MohanYadav #JyotiradityaScindia #DigvijayaSingh #KamalNath #UmaBharti #MPPoliticalHistory #IndianPolitics