बेटी को "पराया धन" कहकर निकाला, 8 साल बाद उसी ने बचाई बाप की जान | Emotional Family Story
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बेटी को "पराया धन" कहकर निकाला, 8 साल बाद उसी ने बचाई बाप की जान | Emotional Family Story
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"बेटी पराया धन होती है", यही कहकर सुरेंद्र ने अपनी बेटी अनन्या का मेडिकल एडमिशन लेटर फाड़ दिया और उसे घर से निकाल दिया। लेकिन अनन्या ने हार नहीं मानी। अख़बार बाँटे, कैंटीन में बर्तन माँजे, और मामा की कुर्बानी और माँ के गिरवी रखे मंगलसूत्र के सहारे डॉक्टर बनी।
8 साल बाद जब बेटे ने घर बेचकर सुरेंद्र को सड़क पर छोड़ दिया और दिल का दौरा पड़ा, तब ऑपरेशन थिएटर में उनकी जान बचाने वाली सर्जन कोई और नहीं, उनकी अपनी बेटी थी।
क्या सुरेंद्र को अपनी ग़लती का एहसास होगा? क्या अनन्या अपने पिता को माफ़ कर पाएगी? पूरी कहानी वीडियो में देखिए।
यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। इसके सभी पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं, और किसी वास्तविक व्यक्ति या घटना से इनका कोई संबंध नहीं है।
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