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आज की मुरली का सार 11 September 2026 | मुरली रिवीजन पॉडकास्ट | Aaj Ki Murli Ka Saar 11-09-2026

आज की मुरली का सार

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आज की मुरली का सार 11 September 2026 | मुरली रिवीजन पॉडकास्ट | Aaj Ki Murli Ka Saar 11-09-2026

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🌼 Aaj Ki Murli Ka Saar | Murli Revision Podcast | Murli 11 September 2026 | आज की मुरली 11-09-2026 | BK Murli Hindi 🌼 #AajKiMurli #MurliToday #BKMurliHindi Welcome to Aaj Ki Murli Ka Saar 🙏 In this video you will listen to Murli Revision Podcast, including Murli Saar, Murli Points and Murli Essence in simple Hindi based on Brahma Kumaris Shiv Baba Murli for 11 September 2026. आज बाबा का विशेष संदेश है — इस अंतिम जन्म में गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए कमल फूल समान पवित्र बनना है और एक बाबा को याद करना है। यही गुप्त मेहनत है। ज्ञान का तीसरा नेत्र मिलने से आत्मा समझती है कि जिस भगवान को पाने के लिए भक्तिमार्ग में दर-दर भटकते थे, वही बाबा अब मिल गए हैं और हमें सुखधाम तथा शान्तिधाम का सच्चा रास्ता बता रहे हैं। This Daily Murli Revision helps you: • Understand Shiv Baba Murli Gyan easily • Practice Rajyoga meditation daily • Maintain soul consciousness • Experience peace, purity and spiritual power • Apply Murli teachings in daily life transformation 📖 आज की मुरली का सार – 11 सितंबर 2026 आज की मुरली में शिवबाबा बच्चों को बहुत सुंदर अनुभव कराते हैं कि ज्ञान का तीसरा नेत्र मिलने के बाद हमारा भटकना समाप्त हो गया है। भक्तिमार्ग में मनुष्य भगवान को पाने के लिए गुरुओं, तीर्थों और अनेक स्थानों पर भटकते हैं, लेकिन बाबा ने बच्चों को अपनी पहचान देकर यह भटकना छुड़ा दिया है। अब हमें पता है कि हमारा रूहानी पिता कौन है, हमें कहाँ जाना है और इस समय कौन-सा पुरुषार्थ करना है। आज बाबा याद की यात्रा पर विशेष ध्यान दिलाते हैं। केवल ज्ञान सुनना पर्याप्त नहीं है; मुख्य बात याद की है। बाबा को याद करने से जन्म-जन्मान्तर के विकर्म विनाश होते हैं। माया बार-बार याद के दीपक को बुझाने के लिए तूफान लाती है, इसलिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। ज्ञान दिखाई देता है, लेकिन योग गुप्त है। कोई कितना अच्छा ज्ञान सुनाता है, उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है कि वह बाबा को कितना याद करता है। आज बाबा यह भी समझाते हैं कि हम ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण हैं और यह पुरुषोत्तम संगमयुग उत्तम पुरुष बनने का समय है। अभी आत्माएँ तमोप्रधान से सतोप्रधान बनने का पुरुषार्थ कर रही हैं। कलियुग दुःखधाम है और सतयुग सुखधाम। स्वयं दुःखहर्ता, सुखकर्ता बाबा बच्चों को दुःख से लिबरेट करके सुखधाम और शान्तिधाम का मार्ग बताते हैं। बाबा बच्चों को डबल अहिंसक बनने की शिक्षा देते हैं। केवल स्थूल हिंसा से बचना ही अहिंसा नहीं है; किसी पर क्रोध करना भी नहीं है। पाँच विकारों का दान देकर सर्वगुण सम्पन्न और 16 कला सम्पूर्ण बनने का पुरुषार्थ करना है। आत्मा जो विकारों के कारण अशुद्ध हुई है, उसे बाबा की श्रीमत और याद द्वारा फिर से दैवी गुणों से सम्पन्न बनाना है। आज के वरदान में बाबा सर्व कमजोरियों से मुक्त होने की सहज युक्ति बताते हैं—सदा एक बाबा के स्नेही बनो। सच्चा स्नेही बाबा की मर्यादाओं और नियमों को केवल सुनता नहीं, बल्कि उन्हें जीवन में उतारता है। जब आत्मा निरंतर बाबा के संग में रहती है, तब उस पर रूहानियत का रंग चढ़ता है और बाबा का सहयोग स्वतः मिलता है। इससे आत्मा मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की ओर सहज आगे बढ़ती है। अव्यक्त इशारे में बाबा बच्चों को मास्टर दाता बनने की प्रेरणा देते हैं। आज संसार में अनेक आत्माएँ किसी न किसी चीज़ की भिखारी हैं—किसी को धन चाहिए, किसी को सहयोग, किसी को संबंध, किसी को सुख-चैन और किसी को आराम। दाता के बच्चों को स्वयं मांगने वाला नहीं बनना है। अपनी शुभ भावना और श्रेष्ठ वृत्ति द्वारा ऐसी आत्माओं की रूहानी भूख मिटाकर उन्हें शक्ति, शांति और सहयोग देना है। आज का मुख्य संदेश है—गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान पवित्र बनो, एक बाबा की याद को मजबूत करो और योगबल से पाँच विकारों पर विजय प्राप्त करो। किसी को दोषी न बनाकर अविनाशी ड्रामा के रहस्य में स्थित रहो, क्रोध से मुक्त होकर डबल अहिंसक बनो और इस थोड़े से संगमयुगी समय में बाबा से पूरा वर्सा लेने का तीव्र पुरुषार्थ करो। 🌟 Murli Main Points ✔️ गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान पवित्र बनना है ✔️ ज्ञान के तीसरे नेत्र द्वारा बाबा की पहचान में निश्चयबुद्धि बनना है ✔️ योगबल से पाँच विकार रूपी माया-रावण पर विजय प्राप्त करनी है ✔️ बाबा की याद से जन्म-जन्मान्तर के विकर्म विनाश करने हैं ✔️ अविनाशी ड्रामा के राज़ में स्थित रहकर किसी को दोष नहीं देना है ✔️ मास्टर दाता बन शुभ भावना और श्रेष्ठ वृत्ति द्वारा आत्माओं को सहयोग देना है आज का वरदान: 🌟 एक बाबा के स्नेही बनकर, उनकी मर्यादाओं को प्रैक्टिकल जीवन में धारण करते हुए सर्व कमजोरियों से मुक्त होकर मर्यादा पुरुषोत्तम बनना है। बाबा के निरंतर संग का रूहानी रंग आत्मा को शक्तिशाली बनाता है। आज का स्लोगन: 💎 “निश्चय का फाउण्डेशन मजबूत है तो सम्पूर्णता तक पहुंचना निश्चित है।” अव्यक्त इशारा: ✨ अब अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करो। मास्टर दाता बनकर अपनी शुभ भावना और श्रेष्ठ वृत्ति से सुख, शांति, सहयोग और प्राप्ति की तलाश में भटक रही आत्माओं की रूहानी भूख मिटाओ। 🎧 यह Murli Revision Podcast सुबह अमृतवेला, दिनभर की आत्मिक स्थिति और रात के रिवीजन के लिए अत्यंत उपयोगी है। 👍 Like | Comment | Share 🔔 Subscribe — Aaj Ki Murli Ka Saar 🌸 Om Shanti 🌸 #MurliRevisionPodcast #AajKiMurli #MurliToday #BKMurliHindi #AajKiMurliKaSaar #MurliSaar #BrahmaKumaris #BrahmaKumarisMurli #ShivBaba #ShivBabaMurli #DailyMurli #MurliEssence #MurliPoints #MurliExplained #SpiritualPodcast #BKPodcast #RajyogaMeditation #OmShanti #Murli11092026 #KamalPhoolSaman #Pavitrata #MayaJeeteJagatJeet #YaadKiYatra #SoulConsciousness #PurushottamSangamyug #MasterData #MurliHindi #MurliManthan #MurliMeditation #MurliGyan