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Veer Madho Singh Bhandari || Play Full Story || Presented P.B. Film's | वीर भड़ माधो सिंह भण्डारी|

PARVTIYA BIGUL FILMS

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Veer Madho Singh Bhandari || Play Full Story || Presented P.B. Film's | वीर भड़ माधो सिंह भण्डारी|

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#वीर_भड़_माधो_सिंह_भण्डारी #गढ़वाली नाटक सम्पूर्ण कथा पर्वतीय बिगुल संस्था प्रस्तुत वीर शिरोमणी माधो सिंह भण्डारी संगीतमय गढ़वाली नाटक 16 वीं सदी में गढ़वाल राज्य के 41 वें महाराजा महीपतशाह के महान सेनापति माधो सिंह भण्डारी वह योद्वा हुए हैं जिन्होने चीन तिब्ब्त बार्डर पर दशहत मचाने वाले आतंकवादियों एवं लुटरों को उन्हीं के घर में जाक सबक सिखाया । और तिब्बत के दापाघाट तक गढ़वाल राज्य की सीमा विस्तार किया । यह कुशल सेनापति, योद्वा और भारत वर्ष का पहला इंजीनियर माधो सिंह भण्डारी चीन (तत्कालीन तिब्बत) भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा (मैकमोन रेखा ) तय करने, तिब्बती राजा काकुवा मोर की सेना व लेटेरों से सैकड़ों बार गढ़वाल राज्य की रक्षा करने और सदियों तक लोगों को अन्न की खेती प्रदान करने के लिए श्रीनगर गढ़वाल के समीप स्थित मलेथा की बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए विशालकाय पहाड़ को काटकर नहर बनाने तथा व्यापक जनहित में पानी के लिए अपने इकलौते बेटे गजे सिंह का बलिदान देने के लिए युग पुरूष के रूप में इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में अमर है । जब कभी केदार खण्ड के इस पवित्र व वीर बलिदानों की भूमि ‘गढ़वाल’ की गाथा पर कोई लेख या गीत लिखा जाता है तो वह माधो सिंह भण्डारी का वर्णन करने पर ही सम्पूर्ण हो सकता। अर्थात माधो सिंह भण्डारी गढ़वाल की कथा गाथाओं के अहम अंग हैं। जिनका सींचित बनाया मलेथा का सेरा (सींचित कृर्षि भूमि) आज 400 वर्ष बाद भी उसी नहर से लहलहाता हुआ माधो सिंह भण्डारी के पराक्रम, त्याग एवं वीर गाथाओं को जीवित रखे है । माधो सिंह भण्डारी का जनम 1595 ई0 में अपने पिता कालो सिंह भण्डारी के घर हुआ। कालो सिंह भण्डारी भी एक वीर पुरूष थे और राजा के वीर सैनिक थे । एक बार 1591 से 1610 की अवधि में मुगल शासक अकबर और कुमाॅऊ के राजा गरूड़ चन्द व सिरमौर के राजा मौली चन्द ने मिलकर टिहरी राज्य की सर्वाधिक कीमती बासमती की खेती वाली तपोवन (देहरादून) की भूमि पर कब्जा कर दिया । तब राजा मानशाह ने कालो सिंह भण्डारी को तपोवन से कब्जा धारियों को समझा बुझा कर वापस जाने को कहने के लिए भेजा। कालो सिंह भण्डारी ने तपोवन पॅहुचकर वहाॅ कब्जाकर को सत्कार सहित वापस जाने को कहा। मगर जब वे नहीं माने तो कालो सिंह भण्डारी ने उनसे जर्बदस्त युद्व उन्हें वहाॅ से खदेड़ दिया । कालो सिंह भण्डारी की इस वीरता से राजा मानशाह बहुत खुश हुए और उन्हें मलेथा की भूमि इनाम में दान दे दी साथ ही उन्हें ‘सौण बाण’ (स्वर्णिम विजेता) की उपाधि भी दी। फिर कालो भण्डारी का परिवार मलेथा आकर रहने लगा । माधो सिंह भण्डारी एवं उदीना गढ़वाल का वास्तविक निर्माण 15 वीं सदी में राजा कनकपाल के समय हुआ। इससे पूर्व यह सम्पूर्ण भूभाग छोटे छोटे गढ़ों में बंटा था। ऐसा ही एक गढ़ था जहाॅ के गढ़पति ने अपनी प्रिय बेटी के नाम पर गढ़ का नाम उदीना गढ़ रखा था । स्वर्ग अप्सरा जैसी उदीना सुंदर व सुशील थी । यौवन अवस्था में आते आते उदीना का नाम खूबसूरती के लिए दूर दूसरे राज्यों में विख्यात हो गया था । लेकिन उदीना तो भारी बलशाली, मजबूत कद कांठी बुद्विवान यूवक मााधो सिंह भण्डारी की वीरता पर उसे दिल दे बैठी थी । माधो सिंह भण्डारी और उदीना एक दूसरे के पे्रम में रंग चुके थे। स्वयंबर में बाहुबल में विजेता होने के बाद माधो सिंह की उदीना संग शादी हो जाती है । दोनों का एक बेटा होता है गजे सिंह । राष्ट्र, अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर माधो सिंह भण्डारी माधो सिंह भण्डारी ने चीन (तब तिब्बत) भारत चीन सीमा तय करते हुए सीमा पर चबूतरे चिने । जिस सीमा को 300 साल बाद 1914 में अंग्रजों ने सर हेनरी मैक मेहन इंटरनेशनल वोंडरी नाम दे दिया । इसके साथ ही मााधो सिंह ने आज से 400 साल पहले ललूड़ी गाॅव में नहर व मलेथा में सुरंग बनाकर नहर बनायी जिसके लिए वे विश्व के प्रथम टनल (सुरंग) निर्माता हो गये । उन्हें पहला इंजीनियर भी माना जाता है । राजधानी देहरादून में यमुना कलोनी स्थित सींचाई विभाग तथा रिंग रोड़ पर स्थित कृर्षि भवन उनके माधो सिंह भण्डारी के नाम पर है । इन अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियों के कारण माधो सिंह एक विश्व स्तरीय व्यक्ति हैं । लेखक व निर्देशक - प्रदीप भण्डारी प्रस्तुत PLAY - VEER SHIROMANI MADHO SINGH BHANDARI WRITER AND DIRECTOR - PRADEEP BHANDARI STAGE DIRECTOR - ARVIND NEGI MAIN ARTIST MUKESH SHARMA GHANSELA - (MADHO SINGH BHANDARI) VASUNDHRA NEGI - UDEENA DEEPAK VYAS - MAHARAJA MAHIPATI SAHA SUSHMA VYAS - MADHO SINGH BHANDARI KI MAA GOKUL PANWAR - PRDHAAN JI RAVI MAMGAI - GAANV ME MADHO SINGH KAA AALOCHAK GAJE SINGH - ASHU MAMGAI MUSIC - VIAJY BHARTI SINGER - VIJAY BHARTI. RENU BALA. PRERNA BHANDARI. ANJALI BADONI. SONG - TRADITIONL