Перейти к содержимому

आज की मुरली का सार – 28 सितम्बर 2026 | Hindi Spiritual Podcast

BK Oceans

0:00 / 0:00

आज की मुरली का सार – 28 सितम्बर 2026 | Hindi Spiritual Podcast

1 321 просмотр · 7 часов назад
BK Oceans
27 тыс. подписчиков
1 321 просмотр · 7 часов назад
🌸 आज की मुरली का सार – 28 सितम्बर 2026 🌸 अमरलोक की रूहानी यात्रा पर चलो | सवेरे-सवेरे स्वयं से रूहरिहान और विचार सागर मंथन करो | स्नेह और सहयोग देकर विश्व राज्य अधिकारी बनो | Hindi Spiritual Podcast | Brahma Kumaris आज की प्रातः मुरली (28-09-2026) में बापदादा बच्चों को विशेष संदेश देते हैं कि अभी तुम अमरलोक की यात्रा पर हो। यह पैदल या शरीर की यात्रा नहीं, बल्कि बुद्धि की रूहानी यात्रा है। सच्चे ब्राह्मण ही इस यात्रा को समझते और करते हैं। आत्मा को पुराने शरीर और पुरानी दुनिया से बुद्धि द्वारा किनारा कर अपने घर अर्थात् शान्तिधाम को याद करना है। यह रूहानी यात्रा एक ही रूहानी बाप सिखाते हैं और इसका लक्ष्य है अमरलोक की प्राप्ति। बापदादा समझाते हैं कि अपने आपसे रूहरिहान करना ही एक बहुत अच्छी युक्ति है। सवेरे उठकर स्वयं से बातें करो—मैं आत्मा पहले सतोप्रधान थी, फिर सतो, रजो और तमो अवस्थाओं से गुजरते हुए अब तमोप्रधान बनी हूँ। अब बाबा मुझे फिर से सतोप्रधान बनने की युक्ति बताते हैं। आज की मुरली में शुभ सम्मेलन का भी विशेष महत्व बताया गया है। आपस में मिलकर व्यर्थ बातें या गपशप नहीं करनी है, बल्कि यह वार्तालाप करनी है कि सर्विस की वृद्धि कैसे हो, सभी का कल्याण किस प्रकार हो और अधिक से अधिक आत्माओं को बाप का रास्ता कैसे बताया जाए। अपने आपसे भी यह स्मृति रखनी है कि अब यह पुराना शरीर छोड़कर बाप के साथ घर जाना है। ऐसी रूहानी बातचीत ही सच्चा शुभ सम्मेलन है। बापदादा बच्चों को याद दिलाते हैं कि हम ब्रह्माकुमार-कुमारियां ईश्वरीय कुल के हैं। निराकारी कुल के बाद साकार में प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा यह अलौकिक जन्म मिलता है। हम आपस में भाई-बहन हैं और पवित्र रहना इस ईश्वरीय सम्बन्ध की विशेष पहचान है। यह कुख वंशावली नहीं बल्कि मुख वंशावली है—अर्थात् बाप द्वारा अपनाये हुए अलौकिक बच्चे। मुरली में ज्ञान के बीजरूप बाप और मनुष्य सृष्टि रूपी वृक्ष का रहस्य भी समझाया गया है। देवी-देवता धर्म इस वृक्ष का पहला फाउन्डेशन है और कल्प के चक्र में धर्मों की वृद्धि तथा फिर उनका प्रायः लोप होता है। बाप आकर 84 जन्मों के चक्र और सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का ज्ञान देते हैं। “मनमनाभव” अर्थात् एक बाप को याद करने से विकर्म विनाश होते हैं और आत्मा अपने सतोप्रधान स्वरूप को प्राप्त करती है। धारणा में बाबा विशेष रूप से कहते हैं कि चलते-फिरते भी याद की यात्रा में रहना है। कर्म करते हुए बुद्धि में बाप की याद रहे। जैसे भोजन बनाते समय बुद्धि में यह रहता है कि किसके लिए भोजन बना रहे हैं, वैसे ही हर कर्म करते हुए बाप की स्मृति रहनी चाहिए। सवेरे उठकर विचार सागर मंथन करना, एक बाप की याद में रहना और मन को बाहर भटकने से बचाना—ये रूहानी पुरुषार्थ के मुख्य अभ्यास हैं। आज के वरदान में बाबा “सर्व आत्माओं पर स्नेह का राज्य करने वाले विश्व राज्य अधिकारी भव” बनने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय किसी पर अधिकार चलाने का नहीं, बल्कि विश्व सेवाधारी बनकर सभी को स्नेह और सहयोग देने का समय है। जो बच्चे अभी सर्व आत्माओं के दिल पर स्नेह का राज्य करते हैं, वही भविष्य में विश्व राज्य के अधिकारी बनते हैं। इसलिए अपने भविष्य के खाते में देखना है कि स्नेह कितना जमा किया है। स्लोगन है—“जब थकावट फील हो तो खुशी में डांस करो, इससे मूड चेंज हो जायेगी।” अव्यक्त इशारे में बाबा अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करने की प्रेरणा देते हैं। हर बच्चा मास्टर दाता बने, रहमदिल और फ्राकदिल बने तथा अपने गुणों और शक्तियों का दूसरों को सहयोग दे। विनाशी खजाना देने से कम होता है, लेकिन अविनाशी खजाना देने से बढ़ता जाता है। इसलिए ज्ञान, गुण, शक्ति, स्नेह और सहयोग देने में सदा आगे रहना है। इस पॉडकास्ट में सुनिए: 1️⃣ अमरलोक की रूहानी यात्रा और आत्मा की बुद्धि यात्रा का रहस्य 2️⃣ सवेरे-सवेरे स्वयं से रूहरिहान और विचार सागर मंथन करने की विधि 3️⃣ एक बाप को याद कर विकर्मों का विनाश और सतोप्रधान बनने का पुरुषार्थ 4️⃣ शुभ सम्मेलन द्वारा सर्विस की वृद्धि और सबके कल्याण की योजना 5️⃣ ब्रह्माकुमार-कुमारियों के ईश्वरीय कुल और अलौकिक जन्म का महत्व 6️⃣ मनुष्य सृष्टि रूपी वृक्ष, 84 जन्मों और आदि-मध्य-अन्त के ज्ञान का रहस्य 7️⃣ चलते-फिरते याद की यात्रा में रहने और हर कर्म में बाप की स्मृति रखने का अभ्यास 8️⃣ स्नेह और सहयोग देकर विश्व राज्य अधिकारी बनने का वरदान 9️⃣ मास्टर दाता, रहमदिल और फ्राकदिल बन अविनाशी खजाने को बढ़ाने की प्रेरणा 🎧 पूरी मुरली सुनें यहाँ: https://murli.bkoceans.com/#hi/2026-0... बीके ओशन्स के व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें। 📲 Follow the BK Oceans WhatsApp Channel: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VbBF... 🙏 LIKE • SHARE • SUBSCRIBE करें 💫 ✨ सितम्बर 2026 में प्रतिदिन मुरली सार, चिंतन और आत्मिक शुद्धता के लिए जुड़े रहें ✨ #AajKiMurli #MurliPodcast #SeptemberMurli #SpiritualPodcast #BrahmaKumaris आज की मुरली सार, 28 सितम्बर मुरली, आज की मुरली, अमरलोक की यात्रा, रूहानी यात्रा, बुद्धि की यात्रा, आत्मा की यात्रा, शान्तिधाम, निर्वाणधाम, अमरपुरी, सच्चे ब्राह्मण, ब्राह्मण कुल, ईश्वरीय कुल, ब्रह्माकुमार कुमारियां, अलौकिक जन्म, मुख वंशावली, भाई बहन, पवित्रता, रूहरिहान, स्वयं से बातें, विचार सागर मंथन, सच्ची कमाई, याद की यात्रा, बाप की याद, विकर्म विनाश, सतोप्रधान, मनमनाभव, 84 जन्मों का चक्र, सृष्टि का वृक्ष, बीजरूप बाप, ज्ञान का सागर, राजयोग, शुभ सम्मेलन, सर्विस की वृद्धि, सबका कल्याण, रहमदिल, स्नेह और सहयोग, विश्व सेवाधारी, विश्व राज्य अधिकारी, विश्व महाराजन, मास्टर दाता, दाता स्वरूप, फ्राकदिल, अविनाशी खजाना, शिव बाबा मुरली, ब्रह्मा कुमारिस मुरली, BK Murli Hindi, Murli Saar, Murli Revision, Murli Points, Murli Meditation, Murli Explained, आत्मिक शक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान, Brahma Kumaris Spiritual Knowledge