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#Likhmaram #viraje r #Jhalar #sank #nagara #baje o

Goga Medi Tunwa

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#Likhmaram #viraje r #Jhalar #sank #nagara #baje o

49 просмотров · 6 дней назад
Goga Medi Tunwa
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सुरेंद्र नाई ईश्वर सदा मौत को याद रखो बच के रहो सदा बुराई से करु हाथ जोड़कर निवेदन गाड़ीचालक भाई से सुरेंद्र नाई मोकलसर वाले की आवाज में बहुत सुंदर कथा सुनकर आनंद आ जायेगा [भगत श्री लिखमाराम जी महाराज जय जाहर वीर गोगा जी महाराज गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज धर पलटे धरा पलटे पलट जावेला परिवार/ थे मत पलटो भगत लिखमाराम जी जुगा जुगा रेवो अवतार// भगत श्री लिखमाराम जी पिता - हनुमानाराम माता - सेवू देवी हनुमानाराम जी के तीन पुत्र हैं - बड़े - सुखाराम बीच - लिखमाराम जी छोटे पोखरराम गांव - पंडा की ढाणी तूनवा लिखमाराम जी के तीन पुत्र हैं बड़े - जीवनराम जमन छोटे - ईश्वरलाल विक्रम संवत् 2008 सन 1951 में कंवर जी महाराज गोगा जी महाराज की कृपा हुई दर्शन दिया विक्रम संवत् 2057 पौष सुदी दूज सन 12/12/2000 को समाधि दी सावन सुदी बारस को मेला भरता है ईश्वर भगत सेवा कर अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम जी रो नाम जगत में प्यारो कहीजे भगत लिखमाराम जी रो धाम तुनवा पंडा की ढाणी में मोटो देवरो हो जियो अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… १) अरे बाबाजी दुखिया आवे थारोडा ई धाम प्रभु जी सुखिया हो जावे लेकर थारो नाम जय जयकारो हो रियो तुनवा धाम को जिओ अजी प्रभु जी म्हें तो आवा लिखमाराम जी रे धाम -२ बाबाजी जी म्हें तो आवा में तूनवा रे धाम लिखमाराम जी रो लेवा साचो नाम तो हो जिओ अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… २) अरे हनुमानाराम जी के बेटा तीन सपूत हनुमानाराम जी के हुया तीन सपूत सुखाराम लिखमाराम पोखरराम जी हो जियो अरे हनुमानाराम जी खूब लड़ाया लाड़-२ माता सेवू देवी गोद खिलाविया हो जिओ अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… ३) अरे लिखमाराम जी के भी बेटा हुया तीन-२ जीवनराम जमन और ईश्वरलाल जी हो जिओ अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… ४) अजी कृपा हुई विक्रम संवत् 2008 कृपा हुई सन 1951 गोगा जी आकर के दर्शन दे दिया हो जिओ अजी क लिखमाराम जी समाधि पोष सुधि वाली दूज विक्रम संवत् 2057 12/12/2000 में हो जिओ अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… ५) अजी क मेलो भरे..अ सावन वाली बारस-२ दुनिया ही आवे है थारे मोकली हो जियो अजी ईश्वर भगत लाड़लो सेवा करे सुबह शाम हरदम लगावे थारो ही ध्यान तो हो जियो अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… ६) लिखमाराम जी किशमत का ताला 🔏 दयो म्हारा खोल सोया जगाओ म्हारा भाग ने ओ जिओ अजी प्रभु हनुमान माली अर्जी रयो लगाय-२ जगत रूठे पर बाबा थे मत रूठ ज्यो हो जियो अरे जगत में साँचो कहीजे लिखमाराम… Dsp Tunwa: राम राम जी भाई साहब भगत श्री लिखमाराम जी महाराज की जय 🙏🙏 गुरु गोरखनाथ जी महाराज की जय 🔱🚩 जय जाहर वीर गोगा जी महाराज की जय 🐍 भजन के दोनो तरफ बोलना है भगत श्री लिखमाराम जी पिता - हनुमानाराम माता - सेवू देवी गढ़वाल वंश हनुमानाराम जी के तीन पुत्र हैं - बड़े - सुखाराम बीच - लिखमाराम जी छोटे पोखरराम गांव - पंडा की ढाणी तूनवा लिखमाराम जी के तीन पुत्र हैं बड़े - जीवनराम जमन छोटे - ईश्वरलाल बालपना में सेवा समाई विक्रम संवत् 2008 में कंवर जी महाराज गोगा जी महाराज की कृपा हुई दर्शन दिया पौष सुदी दूज सन 12/12/2000 को समाधि दी सूरज सामी बनियों देवरों धोली ध्वजा लहरावे सावन सुदी बारस को मेला भरता है ईश्वर भगत सेवा कर भगत श्री लिखमाराम जी महाराज जय जाहर वीर गोगा जी महाराज गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज दोहा- नगर तूनवा के बीच में बणिया बाबा का धाम सुबह शाम सेवा कर थारो भगत यो ईश्वर राम १) म्हारा तुनवा रा धनिया थाको नाम जगत ने भायो -२ थे गोगा जी भक्ति करिया म्हें थारी शरणा आया लिखमाराम जी २) लिखमाराम जी भोलानाथ थाने गोगा जी दर्शन दिया गढ़वाल वंश रा लाड़ला म्हे थारो गुण गांवा लिखमाराम जी ३) सूरज सामी धाम बनियो थारे धोली ध्वजा लहरावें -२ सावन सुद्दी बारस का मेला भगत घनेरा आवे लिखमाराम जी ४) हे लिखमाराम महाराज म्हारी किश्मत रा ताला खौलो-२ म्हारा सोया भाग जगाओ म्हाने हिवड़े सू लगाओ लिखमाराम जी ५) पंडा की ढाणी में समाधि थारी महापे कृपा बरसाओ-२ थे सब पर कृपा करता रिज्यो भक्ता ने / जन जन राह दिखाओ लिखमाराम जी ६) हनुमान माली थाको गानो गावें मीठी कंठा राग बनाओ म्हारो ऑल वर्ल्ड में नाम चले म्हाने आशीर्वाद यो देवो लिखमाराम जी नीला घोड़ा नौलखा, मोतियां जड़ी लगाम। चढ़ घोड़ गोगो निकल,आव तूनवा गांव।। भगत श्री लिखमाराम जी महाराज की जय गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज की जय जय जाहर वीर गोगा जी महाराज की जय झालर शंख नगारा बाजे रे, पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, लिखमाराम जी विराजे ओ, सदा भगत जी विराजे ओ । भारत राजस्थान में, तूनवा एक गाँव, सूरज सामे बनियो देवरो, गोगा जी रो धाम, ज्यारे धोली धजा लहरावे रे, पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, झालर शंख.. नारेला री गिनती कोणी, सुमिरण छत्र अपार, दूर देशा रा जात्री बाबा, आवे नर नार, बाबो बेड़ा पार लगावे रे, पंडा की ढाणी में, लिखमाराम जी विराजे रे, झालर शंख.. सावन सुदी बारस रो मेलो भरीज, भीड़ लगे अति भारी, नर नारी थारा दर्शन करवा, आवे बारी बारी, बाबो अटकीय कारज सारे रे, पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, झालर शंख.. सेवू मां के कंवर लाडला, धरो हमेशा ध्यान, ईश्वरलाल शरणा रो साकर, दो भक्ति वरदान, थारे हाथ जोडोला लागे रे, पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, झालर शंख.. पिता हनुमानाराम माता सेवु देवी का लाड़ला लिखामराम सदा लगाया लिखमाराम जी गोगाजी को ध्यान समाधि नगर तुनवा में लिया रे पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, सुबह शाम थारी सेवा करता भगत ईश्वर राम जो भी ध्यावे साँचा मन से पूर्ण हो सब काम नाम थारो इन कलयुग में चाले रे पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, झालर शंख नगारा बाजे रे, पंडा की ढाणी में लिखमाराम जी विराजे रे, लिखमाराम जी विराजे ओ, सदा भगत जी विराजे ओ ।