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कफ़न (Kafan) - Munshi Premchand | Hindi Story | Amarnama Classic Stories

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कफ़न (Kafan) - Munshi Premchand | Hindi Story | Amarnama Classic Stories

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amarnama
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मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) हिंदी साहित्य आकाश के ध्रुव तारे हैं। वो हमेशा चमकते रहेंगे और न जाने कितने कहानीकारों, Storytellers को चमकाते रहेंगे। यूँ कहूं की हिंदी साहित्य में मुंशी जी ने वो स्थान प्राप्त कर लिया है जो देवताओं में गणेश जी का है। लेखक, साहित्यकार, कहानीकार या फिर कहानी सुनाने वाले, आप जो भी हों मुंशी जी का आशीर्वाद ग्रहण करना ही पड़ेगा। -अमर फ़ौज़दार (Amar Fauzdar) 'कफ़न' (KAFAN) प्रेमचंद की अन्तिम कहानी है, जो चांद हिन्दी पत्रिका के अप्रेल, 1936 के अंक में प्रकाशित हुई थी। प्रेमचंद ने पहले इसे उर्दू में लिखा था और उर्दू पत्रिका के 'जामियां' के दिसम्बर, 1935 के अंक में छपी थी। और मुझे ये कहानी बहुत ही प्रिय है, ये निचोड़ है मुंशी जी की साहित्य साधना का। तो सुनिए मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफ़न (kafan)। -------------------------------------------------------- अब तक तो सिर्फ कहानियां सुनी थी, देखीं थी, और पढ़ी थी, हालाँकि मैं कहानियां लिखता रहा था। लेकिन कहते हैं न, 'LIFE IS A CIRCLE' तो बात सिर्फ लिखने तक कहाँ रहने वाली थी, अब इतनी कहानियां सुनी थीं लोगों से तो ख्याल आया की क्यों न अब अपनी कहानियां लोगों को सुनायीं जाएँ। और इसी ख्याल से अमरनामा का जन्म हुआ। CREDITS: Story: Kafan Writer: Munshi Premchand Narrator: Amar Fauzdar मुलाक़ात होगी आप से हर हफ्ते एक नयी कहानी के साथ - और चैनल को LIKE , SHARE और SUBSCRIBE जरूर करें। जिससे हमारा साथ गलती से भी इस अद्भुत कहानियों कि यात्रा में न छूटे। #munshipremchand #kafan #amarnama