Перейти к содержимому

माँ स्कन्दमाता स्तुति 🌺 | Maa Skandamata Stuti | Navratri Panchami | Shardiya Navratri 2026

Eternal Bhajan Hub

0:00 / 0:00

माँ स्कन्दमाता स्तुति 🌺 | Maa Skandamata Stuti | Navratri Panchami | Shardiya Navratri 2026

3 392 просмотра · 12 ч назад
Eternal Bhajan Hub
11,4 тыс. подписчиков
3 392 просмотра · 12 ч назад
माँ स्कन्दमाता स्तुति | Maa Skandamata Stuti — Navratri Panchami 🌺 शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि को माँ दुर्गा के पाँचवे स्वरूप माँ स्कन्दमाता की पूजा की जाती है। वे भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) की माता हैं और कमल पर विराजमान होकर ज्ञान, बुद्धि और मातृत्व की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं। इनकी कृपा से संतान सुख, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। Maa Skandamata is worshipped on Panchami Tithi of Shardiya Navratri. As the mother of Lord Kartikeya, she blesses devotees with wisdom, knowledge and the wellbeing of children. इस वीडियो में सुनें माँ स्कन्दमाता की स्तुति, शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ। 🔔 Subscribe for daily Navratri bhajan, stuti, aarti and mantra videos. 👍 Like, Share and Comment below. जय माँ स्कन्दमाता! जय माता दी! 🙏 Keywords: maa skandamata stuti, navratri day 5 2026, skandamata mantra, durga stuti hindi, navratri special bhajan, maa durga stuti, shardiya navratri 2026, durga puja stuti, navratri bhajan hindi, kartikeya mata stuti, skandamata mantra lyrics Lyrics :- माँ स्कन्दमाता स्तुतिः सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया । शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ॥ अङ्के निषण्णं स्कन्दं बालरूपं मनोहरम् । धारयन्तीं कृपामूर्तिं वन्दे तां भक्तवत्सलाम् ॥ चतुर्भुजां हेमवर्णां पद्मासनसुशोभिताम् । वरदाभयहस्तां च नमामि वरदायिनीम् ॥ सूर्यमण्डलसंस्थानां तेजोराशिस्वरूपिणीम् । विशुद्धज्ञानदात्रीं तां प्रणमामि जगन्मयीम् ॥ यस्याः प्रसादात् सन्तानं लभन्ते साधका भुवि । समस्तकामदां देवीं भजे मोक्षप्रदायिनीम् ॥ कार्तिकेयस्य जननीं देवसैन्यविनायकाम् । तारकासुरहन्त्रीं तां पूजयामि महेश्वरीम् ॥ शान्तरूपां महाभागां ज्ञानभक्तिसमन्विताम् । पञ्चम्यामर्चितां नित्यं ध्यायामि परमेश्वरीम् ॥ पापौघनाशिनीं पुण्यां दारिद्र्यशमनाकूराम् । शरणागतदीनार्तत्राणपरायणां भजे ॥ अज्ञानतिमिरं हत्वा प्रकाशं कुरु चेतसि । विद्यां बुद्धिं यशः पुष्टिं देहि मे वरदे शिवे ॥ कमलासनां विशालाक्षीं मन्दहाससमन्विताम् । सुवर्णकान्तिसंयुक्तां वन्दे तां मातृरूपिणीम् ॥ न जाने ध्यानयोगं च न जाने स्तुतिवन्दनम् । केवलन्ते पदाब्जे मे भक्तिर्भवतु शाश्वती ॥ मातर्मे सकलं दुःखं क्लेशं च हर सत्वरम् । अभयं कुरु कल्याणि पाहि मां शरणागतम् ॥ त्रैलोक्यपालिनीं वन्द्यां भक्तचित्तनिवासिनीम् । सर्वसिद्धिकरीं देवीं भजे स्कन्दप्रियां सदा ॥ सुपुष्पार्चितपादाब्जां धूपदीपसमन्विताम् । प्रसीद मे महामातः गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते ॥ जय जय स्कन्दमातस्त्वं जय देवि जगत्प्रिये । जय विश्वेश्वरी दुर्गे जय मातृकृपामयी ॥ पठेद्यः स्तोत्रमेतत्तु नित्यं भक्तियुतो नरः । स लभेत् सर्वकार्याणि स्कन्दमातुः प्रसादतः ॥ #MaaSkandamata #SkandamataStuti #NavratriDay5 #NavratriPanchami #Navratri2026 #SkandamataBhajan #ShardiyaNavratri2026 #MaaDurga #DeviBhajan #NavratriStuti #SanskritStuti #SanskritBhajan #DurgaStuti #NavratriSpecial #SanatanDharma #BhaktiSong #DivineBhajan #JaiMataDi #EternalBhajanHub