मां बगलामुखी चालीसा ✨️🙏 सभी भय से और रोग -दोष से तुरंत मुक्ति के लिए रोज सुनें 💫 Listen everyday ♥️
Sadhmarg bhakti
0:00 / 0:00
मां बगलामुखी चालीसा ✨️🙏 सभी भय से और रोग -दोष से तुरंत मुक्ति के लिए रोज सुनें 💫 Listen everyday ♥️
182 просмотра · 2 дн. назад
Sadhmarg bhakti
67 подписчиков
182 просмотра · 2 дн. назад
श्री बगलामुखी चालीसा
॥ दोहा ॥
सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूँ चालीसा आज।
कृपा करहु मोपर सदा, पूरन होवें काज॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय श्री बगला माता। अमित शक्ति तुमरे गुण गाता॥
बगलामुखी पीताम्बरा भवानी। महिमा अमित न जाय बखानी॥
भक्तन की तुम रक्षक माता। दुष्टन की तुम भक्षक माता॥
रुधिर पान करियउ तुम माता। शत्रुन के तुम प्राण विधाता॥
तुमरे सुमिरन से दुख भंजा। शत्रु नाश करहु तुम अंजा॥
अमित रूप तुम धारण कीना। दुष्टन को तुम मार गिराना॥
पीत वसन परिधान तुम्हारा। पीत वर्ण तुमरे तन सारा॥
पीत पुष्प तुमको अति प्यारे। पीत वर्ण के आभूषण धारे॥
बगलामुखी तुम सर्व विनाशिनी। दुष्टन के तुम प्राण विनाशिनी॥
तुमरे सुमिरन से सब भागे। भूत पिशाच निकट नहीं आवे॥
जो तुमको सुमिरै मन लाई। ताके कष्ट मिटें सब भाई॥
रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥
तुम ही विद्या तुम ही माया। तुमरे चरणन शीश नवाया॥
तुम ही शक्ति तुम ही माता। तुम ही भक्तन की सुखदाता॥
अष्ट सिद्धि नव निधि की दाता। सब सुख पूरन करहु भवानी॥
तुमरे दर पर जो भी आवे। मनवांछित फल वो ही पावे॥
बगलामुखी तुम अति बलवाना। दुष्टन को तुम मार गिराना॥
तुमरे सुमिरन से दुख भागे। शत्रु कांपे तुमरे आगे॥
जो जन तुमरी महिमा गावे। ताके सब संकट मिट जावे॥
रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥
बगलामुखी तुम सर्व कल्याणी। भक्तन की तुम रक्षक भवानी॥
तुमरे दर पर जो भी आवे। खाली हाथ कभी न जावे॥
तुम ही ज्ञान तुम ही ध्याना। तुमरे चरणन शीश नवाना॥
तुम ही शक्ति तुम ही माता। तुम ही भक्तन की सुखदाता॥
जो जन तुमरी महिमा गावे। ताके सब संकट मिट जावे॥
रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥
॥ दोहा ॥
बगलामुखी तुम अति दयालु, भक्तन की सुखखान।
जो नर तुमको ध्यायते, पावत हैं कल्यान॥