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मां बगलामुखी चालीसा ✨️🙏 सभी भय से और रोग -दोष से तुरंत मुक्ति के लिए रोज सुनें 💫 Listen everyday ♥️

Sadhmarg bhakti

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मां बगलामुखी चालीसा ✨️🙏 सभी भय से और रोग -दोष से तुरंत मुक्ति के लिए रोज सुनें 💫 Listen everyday ♥️

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Sadhmarg bhakti
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श्री बगलामुखी चालीसा ​॥ दोहा ॥ सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूँ चालीसा आज। कृपा करहु मोपर सदा, पूरन होवें काज॥ ​॥ चौपाई ॥ जय जय जय श्री बगला माता। अमित शक्ति तुमरे गुण गाता॥ बगलामुखी पीताम्बरा भवानी। महिमा अमित न जाय बखानी॥ ​भक्तन की तुम रक्षक माता। दुष्टन की तुम भक्षक माता॥ रुधिर पान करियउ तुम माता। शत्रुन के तुम प्राण विधाता॥ ​तुमरे सुमिरन से दुख भंजा। शत्रु नाश करहु तुम अंजा॥ अमित रूप तुम धारण कीना। दुष्टन को तुम मार गिराना॥ ​पीत वसन परिधान तुम्हारा। पीत वर्ण तुमरे तन सारा॥ पीत पुष्प तुमको अति प्यारे। पीत वर्ण के आभूषण धारे॥ ​बगलामुखी तुम सर्व विनाशिनी। दुष्टन के तुम प्राण विनाशिनी॥ तुमरे सुमिरन से सब भागे। भूत पिशाच निकट नहीं आवे॥ ​जो तुमको सुमिरै मन लाई। ताके कष्ट मिटें सब भाई॥ रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥ ​तुम ही विद्या तुम ही माया। तुमरे चरणन शीश नवाया॥ तुम ही शक्ति तुम ही माता। तुम ही भक्तन की सुखदाता॥ ​अष्ट सिद्धि नव निधि की दाता। सब सुख पूरन करहु भवानी॥ तुमरे दर पर जो भी आवे। मनवांछित फल वो ही पावे॥ ​बगलामुखी तुम अति बलवाना। दुष्टन को तुम मार गिराना॥ तुमरे सुमिरन से दुख भागे। शत्रु कांपे तुमरे आगे॥ ​जो जन तुमरी महिमा गावे। ताके सब संकट मिट जावे॥ रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥ ​बगलामुखी तुम सर्व कल्याणी। भक्तन की तुम रक्षक भवानी॥ तुमरे दर पर जो भी आवे। खाली हाथ कभी न जावे॥ ​तुम ही ज्ञान तुम ही ध्याना। तुमरे चरणन शीश नवाना॥ तुम ही शक्ति तुम ही माता। तुम ही भक्तन की सुखदाता॥ ​जो जन तुमरी महिमा गावे। ताके सब संकट मिट जावे॥ रोग शोक सब दूर हो जावे। जो जन तुमरे गुण गावे॥ ​॥ दोहा ॥ बगलामुखी तुम अति दयालु, भक्तन की सुखखान। जो नर तुमको ध्यायते, पावत हैं कल्यान॥