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Old Pension Scheme को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला । किनको को मिलेगा इसका लाभ #ops #pension

Social Justice

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Old Pension Scheme को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला । किनको को मिलेगा इसका लाभ #ops #pension

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Old Pension Scheme को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला । किनको को मिलेगा इसका लाभ #ops #pension पेंशन के फ़ायदों के लिए रेगुलर होने से पहले की सर्विस को भी गिना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2026 में 'पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड बनाम सतनाम सिंह और अन्य' के ऐतिहासिक मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है कि रेगुलर होने से पहले कर्मचारियों द्वारा कॉन्ट्रैक्ट, एड-हॉक, डेली-वेज़ या वर्क-चार्ज के आधार पर की गई सेवा को भी पेंशन और रिटायरमेंट के फायदों के लिए 'क्वालिफ़ाइंग सर्विस' (पात्र सेवा) के रूप में गिना जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के सामने, अपीलकर्ता-बोर्ड ने तर्क दिया कि एक स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) होने के नाते, वह सेवा से जुड़े मामलों में पंजाब सरकार की नीतियों से अपने-आप बाध्य नहीं था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की दलील को अस्वीकार करते हुए अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि नियमित होने से पहले की अस्थाई सेवा को पेंशन पात्रता के लिए कुल सेवा अवधि में जोड़ा जाना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “पेंशन के फ़ायदों के लिए यह सेवा तब और भी ज़रूरी है जब सर्विस में आया गैप सिर्फ़ कागज़ी या बनावटी हो, या प्रशासनिक हालात या कोर्ट के आदेशों की वजह से हुआ हो।” कोर्ट ने कहा कि राज्य उन्हें सिर्फ़ इसलिए नई भर्ती नहीं मान सकता, क्योंकि उनके अपॉइंटमेंट लेटर में "अपॉइंटमेंट" शब्द का इस्तेमाल किया गया। कोर्ट ने पाया कि असल में उनकी नियुक्ति रेगुलर ही थी। चूंकि कर्मचारियों की वास्तविक सेवा (अस्थाई तौर पर ही सही) 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हो चुकी थी, इसलिए कोर्ट ने माना कि उन्हें सेवा में 2004 से पहले का ही माना जाएगा। कोर्ट ने उन्हें पुरानी पेंशन योजना (GPF) या नई योजना में से किसी एक को चुनने की छूट दी। अदालत ने पाया कि बोर्ड के इस रवैये से कर्मचारियों के बीच भेदभाव हो रहा था, जबकि अन्य विभागों में इसी तरह के मामलों में राहत दी जा चुकी थी। कोर्ट ने कहा कि रोजगार के संबंधों की वास्तविकता और उसकी 'आत्मा' को देखा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कागजी रूप को। कोर्ट ने आगे कहा कि जब किसी कर्मचारी ने लंबी और लगातार सर्विस की हो और अंत में उसे रेगुलर कर दिया गया हो तो तकनीकी या बनावटी वजहों से पेंशन से जुड़े फ़ायदे न देना आम तौर पर गलत है।" इन बातों को ध्यान में रखते हुए अपील खारिज कर दी गई। Topics discussed in this video :- OPS को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला, रोजगार के संबंधों की वास्तविकता और उसकी आत्मा को देखा जाना चाहिए न कि सिर्फ कागजी रूप को, नियमित होने से पहले की अस्थाई सेवा को पेंशन पात्रता के लिए जोड़ा जाना अनिवार्य है, पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड बनाम सतनाम सिंह, पेंशन के फ़ायदों के लिए रेगुलर होने से पहले की सर्विस को भी गिना जाना चाहिए, पेंशन और रिटायरमेंट के फायदों के लिए क्वालिफ़ाइंग सर्विस के रूप में गिना जाना चाहिए, Welcome to Social Justice – Legal Awareness & General Knowledge इस चैनल का उद्देश्य आम नागरिकों तक सरल भाषा में कानूनी जागरूकता (Legal Awareness) और महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान (General Knowledge) पहुँचाना है। यहाँ आपको नियमित रूप से मिलेंगे: ✅ सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों की आसान व्याख्या ✅ संविधान, मौलिक अधिकार एवं कानूनी जानकारी ✅ नए कानून, सरकारी नियम एवं नीतियों की जानकारी ✅ शिक्षा, भर्ती, TET, RTE, NCTE तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषय ✅ सरकारी योजनाएँ, नागरिक अधिकार एवं जनहित से जुड़े मुद्दे ✅ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी General Knowledge एवं Current Affairs ✅ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं सामाजिक विषयों का तथ्यात्मक विश्लेषण हमारा उद्देश्य केवल सही, तथ्यात्मक और जागरूकता बढ़ाने वाली जानकारी साझा करना है। यह चैनल किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह (Legal Advice) प्रदान नहीं करता। यदि आप कानून, शिक्षा, नागरिक अधिकार, सरकारी नीतियों और सामान्य ज्ञान से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो Social Justice चैनल को Subscribe करें और बेल आइकन अवश्य दबाएँ। Knowledge • Justice • Awareness #LegalAwareness #SocialJustice #SupremeCourt #HighCourt #IndianLaw #Constitution #GeneralKnowledge #CurrentAffairs #Education #TET #RTE #NCTE #GovernmentJobs #Rights #LegalUpdates