सुकून कहीं भी नहीं है | दर्द भरी ग़ज़ल | Jagjit Singh | GhazalRaag
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सुकून कहीं भी नहीं है | दर्द भरी ग़ज़ल | Jagjit Singh | GhazalRaag
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सुकून कहीं भी नहीं है 💔 | दर्द भरी ग़ज़ल | GhazalRaag
कभी-कभी इंसान के पास सब कुछ होता है,
फिर भी दिल में एक खालीपन रह जाता है…
कितनी भी भीड़ हो आसपास, दिल को सुकून कहीं नहीं मिलता।
“सुकून कहीं भी नहीं है” एक दर्दभरी ग़ज़ल है,
जो तन्हाई, अधूरी यादों और दिल के उस दर्द को बयां करती है
जिसे शब्दों में कहना आसान नहीं होता।
अगर आपको दर्द भरी ग़ज़लें, तन्हाई और दिल को छू जाने वाला संगीत पसंद है,
तो इस ग़ज़ल को पूरा ज़रूर सुनिए। ❤️🩹
🎵 Song: सुकून कहीं भी नहीं है
🎙️ Ghazal: GhazalRaag
🎼 Genre: दर्द भरी ग़ज़ल / Sad Ghazal
📺 Channel: GhazalRaag
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