यहाँ शिवजी पर चढ़ाया पानी पाताल लोक चला जाता है! 😱 गौरैया मंदिर बालोद का रहस्य Chhattisgarh Tourism
David Sinha blogs
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यहाँ शिवजी पर चढ़ाया पानी पाताल लोक चला जाता है! 😱 गौरैया मंदिर बालोद का रहस्य Chhattisgarh Tourism
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यहाँ शिवजी पर चढ़ाया पानी पाताल लोक चला जाता है! 😱 गौरैया मंदिर बालोद का रहस्य Chhattisgarh Tourism
यहाँ शिवजी पर चढ़ाया पानी पाताल लोक चला जाता है! • गौरैया मंदिर बालोद का रहस्य | Chhattisgarh
Tourism
2. विकल्प 2 (ऐतिहासिक और धार्मिक):
खुदाई में मिलीं 8वीं सदी की 140 मूर्तियां और गायब होने वाले महादेव का रहस्य! गौरैया धाम बालोद
3. विकल्प 3 (शॉर्ट और क्लिकी): शिवलिंग पर पानी डालते ही हो जाता ह ै गायब ! मंदिर छत्तीसगढ ़ का अनोखा रहस्य
जय जोहार संगवारी हो! आज के इस वीडियो मे ं हम आपको लेकर आए ह ै ं छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक बेहद चमत्कारी और रहस्यमयी स्थान पर - "न्याय सिद्ध शक्तिपीठ गौरैया धाम" (ग्राम चौरेल)।
इस मंदिर का इतिहास और यहाँ के चमत्कार आपको हैरान कर
वीडियो के मुख्य आकर्षणः
गायब होने वाला जल: यहाँ के अनोखे शिवलिंग पर जब पानी या दूध चढ़ाया जाता है, तो वह पलक झपकते ही गायब हो जाता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यह जल सीध े पाताल लोक चला जाता है!
प्राचीन 140 मूर्तियां: मंदिर परिसर में स्थित एक पुरानी बावली (बावड़ी) की खुदाई के दौरान 8वीं से 12वीं शताब्दी की लगभग 140 पाषाण मूर्तियां मिली थीं, जो फणी नागवंशी राजाओं के काल की हैं। इन्हें अब मंदिर के प्रांगण मे ं सुरक्षित रखा गया है।
अगर आपको छत्तीसगढ़ के इतिहास, रहस्यमयी मंदिरों और प्राचीन संस्कृति के बारे मे ं जानना अच्छा लगता है, तो वीडियो को LIKE जरूर करें और हमारे चैनल को SUBSCRIBE करना न भूलें!
Location / पता:
गौरैया धाम, ग्राम चौरेल (पैरी), जिला बालोद, छत्तीसगढ़ (बालोद मुख्यालय से लगभग 20 किमी)
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नाम की उत्पत्तिः इस क्षेत्र में प्राचीन समय मे ं आदिवासी समाज के लोग गौरा-गौरी (भगवान शिव और माता पार्वती) की विशेष पूजा करते थे। इसी 'गौरा गौरी' शब्द के अपभ्रंश और क्षेत्र मे ं गौरैया पक्षी की चहचहाहट की वजह से इसका नाम गौरैया धाम पड़ा।
मंदिरों का समूहः इस पवित्र धाम में केवल शिव मंदिर ही नही ं बल्कि राम-जानकी मंदिर, भगवान जगन्नाथ मंदिर, दुर्गा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, बूढ़ादेव मंदिर और वैदिक आश्रम का एक सुंदर समूह है।
पर्यटन स्थल: इसके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2008 मे ं इस े आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल घोषित किया गया है।
अद्भुत शिवलिंग: गौरैया धाम के ज्योतिर्लिंग या वहां स्थापित महादेव के संबंध में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह गहरी मान्यता है कि जब शिवलिंग पर जल चढ़ाया या डाला जाता है, तो वह जल तुरंत नीच े विलीन (गायब) हो जाता है।
प्राकृतिक जल निकासी: लोक कथाओं और क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार इस जल को पाताल लोक में समाहित होना माना जाता है। भूगर्भीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्राचीन मंदिरो ं में शिवलिंग के नीचे अक्सर विशेष रूप से गुप्त जल निकासी मार्ग या सोख्ता प्रणालियां बनाई जाती थीं, जिसस े भारी मात्रा मे ं चढ़ाया गया जल भी गर्भगृह मे ं जमा न होकर सीध े जमीन के भीतर गहरे प्राकृतिक सोख्ते या जल स्रोतों में चला जाता है।