Перейти к содержимому

सूरतगढ़ की फेमस जलेबी | ईमानदार जलेबी वाला |Hindi Moral Story | Story Time | Kahaniyan

farming_toon

0:00 / 0:00

सूरतगढ़ की फेमस जलेबी | ईमानदार जलेबी वाला |Hindi Moral Story | Story Time | Kahaniyan

378 просмотров · 11 дней назад
farming_toon
16 подписчиков
378 просмотров · 11 дней назад
सूरतगढ़ की फेमस जलेबी | ईमानदार जलेबी वाला |Hindi moral story |kahani stories | kahaniyan Summary — सूरतगढ़ गाँव में पाजी अपनी पत्नी के साथ जलेबी की छोटी-सी दुकान चलाते थे। पहले शक्कर सस्ती थी, इसलिए पाजी आराम से अच्छी और स्वादिष्ट जलेबी बनाकर सिर्फ ₹20 प्लेट में बेच देते थे। गाँव के लोग भी बड़े मजे से उनकी जलेबी खाते थे। लेकिन अचानक शक्कर के दाम बढ़कर बहुत ज्यादा हो गए। मजबूरी में पाजी को जलेबी का दाम ₹20 से बढ़ाकर ₹30 प्लेट करना पड़ा। दाम बढ़ने से कुछ ग्राहक नाराज हुए और पाजी भी परेशान रहने लगे। इसी बीच गाँव के मुखिया जी के पास कुछ बड़े व्यापारी गन्ना खरीदने के लिए आए। पाजी भी वहाँ पहुँच गए। बातचीत में पता चला कि गाँव का गन्ना बहुत अच्छा है और यहाँ से गन्ने का अच्छा-खासा स्टॉक बाहर जाता है। फिर सवाल उठा कि जब गाँव में गन्ना इतना अच्छा और भरपूर है, तो शक्कर इतनी महंगी क्यों हो रही है? व्यापारी उन्हें समझाते हैं कि गन्ने का कुछ हिस्सा चीनी के अलावा ईंधन बनाने के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है, जिससे चीनी की उपलब्धता और कीमत पर असर पड़ रहा है। मुखिया जी और गाँव वाले बात समझ जाते हैं। इसके बाद लोग पाजी की मजबूरी समझते हैं और फिर से उनकी जलेबी खाने लगते हैं। कुछ समय बाद पाजी का बेटा भी पिता का हाथ बँटाने के लिए एक छोटी-सी राखी की दुकान शुरू कर देता है। देखते ही देखते पिता की जलेबी और बेटे की राखी की दुकान गाँव में खूब चलने लगती है। अंत में पाजी कहते हैं: “मुश्किल समय चाहे कितना भी बड़ा हो, अगर मेहनत और समझदारी से काम लिया जाए तो रास्ता जरूर निकलता है queries गरीब जलेबी वाला महंगी शक्कर की कहानी, पाजी की मशहूर जलेबी, गाँव की जलेबी की दुकान, शक्कर के दाम बढ़ गए, गन्ने का व्यापार, किसान और व्यापारी की कहानी, गाँव की मजेदार कहानी, 2D Cartoon Story Hindi, Hindi Village Cartoon Story, Garib Jalebi Wala, Village Story Hindi, Jalebi Wala Cartoon, Farming Cartoon Story, Hindi Moral Searching Keywords: hindi kahani hindi kahaniya moral stories in hindi family drama story life lesson stories hindi stories moral kahani animated storytelling hindi moral story emotional hindi story bahi bhai अस्वीकरण (Disclaimer):- यह कहानी, इसमें दिखाए गए सभी नाम, पात्र और घटनाएँ पूरी तरह काल्पनिक हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति (जीवित या मृत), स्थान, भवन या घटना से कोई संबंध नहीं है। इस वीडियो के निर्माण के दौरान किसी भी मनुष्य, पशु या जीवित प्राणी को कोई हानि नहीं पहुँचाई गई है। कृपया ध्यान दें कि यह वीडियो 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए बनाई गई है और बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है। दर्शक अपनी विवेक से देखें। इस वीडियो में हिंसा, डरावने या विचलित करने वाले दृश्य हो सकते हैं। हम किसी भी प्रकार की हिंसा, अंधविश्वास या हानिकारक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देते। यह वीडियो केवल मनोरंजन और शैक्षिक उद्देश्य से बनाई गई है। Disclaimer: The story, all names, characters, and incidents portrayed in this production are purely fictitious. Any resemblance to actual persons (living or deceased), places, buildings, or events is purely coincidental. No harm was intended toward any humans, animals, or living creatures during the making