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पब्लिक हॉस्पिटल में अनुराधा यादव की मौत का मामला, पीड़ित परिवार से मिलीं सपा जिला सचिव रोली यादव

INDIA NEWS DARPAN

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पब्लिक हॉस्पिटल में अनुराधा यादव की मौत का मामला, पीड़ित परिवार से मिलीं सपा जिला सचिव रोली यादव

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पब्लिक हॉस्पिटल में अनुराधा यादव की मौत का मामला गरमाया, पीड़ित परिवार से मिलीं सपा जिला सचिव रोली यादव निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग, परिवार को आर्थिक सहायता का दिया भरोसा अयोध्या। थाना तारुन क्षेत्र के पास स्थित पब्लिक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद अनुराधा यादव की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित परिवार को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की जिला सचिव एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय परशुराम यादव की बेटी रोली यादव रविवार को मृतका के घर पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। रोली यादव ने मृतका के पति विश्वास यादव और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। रोली यादव ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के बाद महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही या किसी अन्य स्तर पर जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को इस मुश्किल समय में कुछ राहत मिल सके। मौके पर तारुन चतुर्थ जिला पंचायत क्षेत्र के समाजसेवी सुरजीत यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष शिवकुमार यादव फौजी समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। मामले में निष्पक्ष जांच पर टिकी नजरें अनुराधा यादव की मौत के मामले में अब परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद मौत के वास्तविक कारण और यदि कोई लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।