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91. कर्म ही परमात्मा का स्वरुप है और कर्म ही सतगुरु l करनी बिना कथनी का अंग l अर्थ सहित भाग 3

सूक्ष्म वेद का भेद (बंदी छोड़ गरीब दास जी की बानी)

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91. कर्म ही परमात्मा का स्वरुप है और कर्म ही सतगुरु l करनी बिना कथनी का अंग l अर्थ सहित भाग 3

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सूक्ष्म वेद का भेद (बंदी छोड़ गरीब दास जी की बानी)
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सतगुरु कबीर साहेब जी ही सतपुरुष हैं, इस भेद का खुलासा सभी संतों ने अपनी बानी में किया है l सभी ने उन्हें निर्विवाद रूप से सतगुरु माना है l सतगुरु कबीर साहेब ही 200 साल बाद छुड़ानी धाम में बंदी छोड़ गरीबदास साहिब के रूप में प्रगट हुए और संसार को सूक्ष्म वेद के द्वारा मुक्ति का सन्देश दिया l इस चैनल पर आप सूक्ष्म वेद की वाणी का सारा भेद , सरलार्थ और भावार्थ विस्तार से जानेंगे गुरू जी से सार नाम की प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए WhatsApp ग्रुप में जुड़ें 👇 https://chat.whatsapp.com/ED9p3wu7RrU...