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#वाल्मीकि_रामायण बालकांड सर्ग 10 | #ऋष्यशृंग कथा | #valmiki #ramayan Bala Kand Sarga 10

Story Across The World

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#वाल्मीकि_रामायण बालकांड सर्ग 10 | #ऋष्यशृंग कथा | #valmiki #ramayan Bala Kand Sarga 10

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इस सर्ग में #महाराज #दशरथ के मंत्री सुमंत्र एक प्राचीन कथा सुनाते हैं—अंग देश में पड़े भयंकर अकाल को दूर करने के लिए राजा रोमपाद ने किस प्रकार महान तपस्वी ऋश्यशृंग को अपने राज्य में लाने की योजना बनाई। ऋश्यशृंग, जो वन में अपने पिता विभाण्डक ऋषि के साथ कठोर तप और वेदाध्ययन में लीन थे, संसारिक सुखों से पूर्णतः अनभिज्ञ थे। अंग देश के पुरोहितों ने एक “निरापाय उपाय” सुझाया—सुंदर, सुसज्जित गणिकाओं को भेजकर ऋश्यशृंग को नगर की ओर आकर्षित करना। गणिकाएँ वन में पहुँचती हैं, ऋश्यशृंग उनका सत्कार करते हैं और उनके द्वारा छोड़े गए मधुर पदार्थों को “फल” समझकर उनकी सरलता और निष्कपटता प्रकट होती है। अगले दिन वे पुनः उनके “आश्रम” की ओर जाते हैं और धीरे‑धीरे अंग देश ले जाए जाते हैं। जैसे ही ऋश्यशृंग सीमा में प्रवेश करते हैं, मेघ बरसने लगते हैं—अकाल समाप्त होता है और राज्य में समृद्धि लौट आती है। राजा रोमपाद उन्हें आदरपूर्वक स्वागत करते हैं और विभाण्डक ऋषि के क्रोध से बचने हेतु विनम्रता दिखाते हैं। अंततः वे अपनी पुत्री शांता का विवाह ऋश्यशृंग से धर्मसम्मत रीति से कर देते हैं। यह सर्ग दर्शाता है कि तप, धर्म, राजनीति और लोककल्याण किस प्रकार एक-दूसरे से जुड़े हैं—और एक तपस्वी की उपस्थिति से प्रकृति भी अनुकूल हो जाती है। #valmikiramayan #balakand #Sarga10 #Rishyashringa #ShantaVivah #Romapada #ramayankatha #ramayanhindi #sanatandharma #hinduscriptures #ramayanstory #BalakandKatha #indianculture #dharmicstories #spiritualwisdom #jaishriram #ayodhya #hanuman #hanumanji #rishi #katha #ramayan #dasharatha #story #audiobook #hindimotivation #hindi #hindu #hinduscriptures #gyan #maryadapurushottam