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🪷 अद्भुत जल बिहार 🪷श्री जटेरी धाम 🪷#premsaheli #song #love #live #shyam #sorts #vlog

Prem Saheli

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1 190 просмотров · 2 месяца назад
Prem Saheli
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नव निकुंज ग्रह नवल आगें नवल बीना मध्य राग गौरी ठटी। मानौं दस इन्दु पीयूष बरषत सुखद चपल करजावली दृष्टि पिय की जटी ।। रीझि रीझि पिय देत भूषन बसन दाम उर रसन दसननि धरत निरखि सारंग कटी। रसद श्रीहरिदास बिहारी अंग अंग मिलत अतन उदोत करत सुरति आरंभटी ।। मंद मंद गति धरति अवनि पग स्यामा जू देखत बन सोभा । प्रीतम कौ गहें हाथ पाछें निजु सखी साथ चौंर सौं भौर उड़ावति निर्काट झुकि आवत सौरभ के लोभा ।। कालिंदी के कूल नाना बिधि फूले फूल रहसि कछु कहत बात मंद मुसिक्यात चितवत चित चोभा । श्रीरसिकबिहारी रूप उज्यारी बैठे पुलिन बिछाइ दुकूल आनंद के गोभा ।। फूल फव्यौ सिरमौर सिंगार कौ। सेवत कोटिक काम कला अँचला चल चौर मनौं छत्र ढार कौ ।। नासिका नैंन सुर्वेन स्रवन सभा कुच उच्च सुभाव उदार कौ। उरगे हरि यौं ढरि आपुहीं आइ रहे गहि पाँइ अहार बिहार कौ ।। श्रीकुंजबिहारिनि राज बिराजत फूल फव्यौ सिरमौर सिंगार कौ ।। फूलनि की सारी चोली फूलनि कौ लहँगा। फूलनि की पाग बाँधें फूल कर बान साँधैं फूलनि कौ उपरेंना मोल माई महँगा ।। फूलनि की सेज सोहे फूल बैठे मन मोहै फूल सौं जामिनी जाम हौं न जानौं कहँगा। श्रीबिहारिनिदासि फूली गावति रस में झूली और फूल इहि फूल सब छवि छहँगा ।। बिहारिनि प्रीतम रीझि भिजाये। अति अनुराग नेह जल सींच्यौ उरज उरनि लपटाये ।। अति आनंद अथाह जल पैरत भये मनोरथ भाये। श्रीदासिकिसोर परस्पर प्रफुलित अंग अनंग मिलाये ।। बिहरत जमुना जल सुकुमार। दरपनवत गंभीर नील जल सुंदर सुखद सु प्यार ।। प्रफुलित कंज पुंज परिमल कल सकल सार कौ सार । श्रीदासिकिसोर प्रकासि परस्पर पैरत परम उदार ।।