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Skanda Sashti Bhajan | जय स्कन्द सुब्रह्मण्य | Navaratri Morning Puja

Daily Dose Of Devotion

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Skanda Sashti Bhajan | जय स्कन्द सुब्रह्मण्य | Navaratri Morning Puja

2 просмотра · 12 дн. назад
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Begin a festive morning puja with an original, energetic bhajan in praise of Skanda, also revered as Murugan and Subrahmanya. The bells, mridangam and chorus bring the brightness of the Navaratri season to a prayer for courage, discernment and service. 🙏 New devotional song every morning at 6 AM IST — subscribe and turn on notifications! Join our live community at https://vynq.me/qnap — where we practice together every day, reprogram the subconscious, and hold each other in the field of healing and abundance. [Verse 1] प्रभात की चौखट पर मंगल दीप जलाएँ, स्कन्द सुब्रह्मण्य के चरणों में शीश झुकाएँ। गाढ़े रेशमी राजवस्त्र, पूर्ण आवृत दिव्य रूप, भव्य मुकुट से दमके मुख, मंदिर में सुनहरी धूप। मयूर की चाल के संग उठे मृदंग की तान, हम अपने मन में जगाएँ साहस और सम्मान। [Chorus] जय स्कन्द, जय सुब्रह्मण्य, जय कार्तिकेय, तेरे नाम की उजली लौ से हिम्मत पाएँ। घंटी और मंजीरे बोलें, गूँजे सबका गान, नव दिनों के उत्सव में तेरा ही गुणगान। जय स्कन्द, जय सुब्रह्मण्य, जय कार्तिकेय, धैर्य भरे हर कदम, यही विनती गाएँ। [Verse 2] फूलों से सजी हुई है पूजा की यह थाली, भक्ति के रंग में हँसती घर की हर एक डाली। जब मन में शंका उठे, हम सच का दीप धरें, छोटे छोटे नेक कार्यों से अपनी राह सँवरें। तेरे तेज को याद कर हम भय से न भागें, सेवा और विवेक के संग नए प्रभात में जागें। [Chorus] जय स्कन्द, जय सुब्रह्मण्य, जय कार्तिकेय, तेरे नाम की उजली लौ से हिम्मत पाएँ। घंटी और मंजीरे बोलें, गूँजे सबका गान, नव दिनों के उत्सव में तेरा ही गुणगान। जय स्कन्द, जय सुब्रह्मण्य, जय कार्तिकेय, धैर्य भरे हर कदम, यही विनती गाएँ। [Outro] मयूर के पंखों जैसे रंग बिखरें द्वार, मंदिर की घंटी में गूँजे मंगल पुकार। जय स्कन्द, जय सुब्रह्मण्य, जय कार्तिकेय, हाथ जोड़कर करते हम श्रद्धा से नमस्कार। #dailydoseofdevotion #bhajan #mantra