चौथा बनड़ा - पांच पुड़त का रे बनडे इंडवा & पांचवां बनड़ा - बनडे का शेहरा झटके री डेरा (शामदो, जींद)
Bimla Dhillon
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चौथा बनड़ा - पांच पुड़त का रे बनडे इंडवा & पांचवां बनड़ा - बनडे का शेहरा झटके री डेरा (शामदो, जींद)
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नमस्कार दोस्तों, आप सभी का हमारे यूट्यूब चैनल पर स्वागत है!
आज हम आपके लिए लेकर आए हैं बहुत ही सुंदर और पारंपरिक हरियाणवी ब्याह-शादी के लोकगीत: "चौथा बनड़ा - पांच पुड़त का रे बनडे इंडवा" और "पांचवां बनड़ा - बनडे का शेहरा झटके री डेरा"।
इस पारंपरिक हरियाणवी बनड़ा गीत को विमल ढिल्लों (गांव शामदो, जींद, हरियाणा) और उनकी मंडली ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है।
गीत का विवरण (Song Details):
गीत (Song): चौथा बनड़ा & पांचवां बनड़ा (Haryanvi Banada Geet / Lokgeet)
गायिका (Singer): विमल ढिल्लों (bimala Dhillon)
गांव (Village): शामदो, जींद, हरियाणा (Shamdo, Jind, Haryana)
श्रेणी (Category): हरियाणवी लोकगीत / विवाह गीत (Haryanvi Lokgeet / Marriage Songs)
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धन्यवाद!चौथा बनड़ा - पांच पुड़त का रे बनडे इंडवा & पांचवां बनड़ा - बनडे का शेहरा झटके री डेरा | विमल ढिल्लों (शामदो, जींद)
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