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Bhaktamar ki rachna se karamat ho gayi || written & sung by : Roopesh jain || mantungacharya || 2026

Roopesh jain

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Bhaktamar ki rachna se karamat ho gayi || written & sung by : Roopesh jain || mantungacharya || 2026

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Roopesh jain
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भक्तामर स्तोत्र जैन धर्म का अत्यंत प्रसिद्ध और पूजनीय स्तोत्र है। इसकी रचना महान जैन आचार्य और विद्वान आचार्य मानतुंग (मंतुङ्गाचार्य) ने लगभग 6वीं–7वीं शताब्दी में की थी। यह स्तोत्र प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की स्तुति में रचा गया है। इसमें 48 संस्कृत श्लोक हैं, जिनमें भगवान के अनंत गुणों, उनकी पवित्रता और दिव्य महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। इसकी भाषा अत्यंत काव्यमय, प्रभावशाली और गूढ़ दर्शन से युक्त है। कथाओं के अनुसार, आचार्य मानतुंग को एक राजा ने कारागार में बंद कर दिया था। तब उन्होंने भक्तामर स्तोत्र की रचना की और प्रत्येक श्लोक के उच्चारण के साथ उनकी बेड़ियाँ और ताले टूटते चले गए, जो भक्ति की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। भक्तामर स्तोत्र का महत्व बहुत बड़ा है। जैन समाज में इसे श्रद्धा से पढ़ा और सुना जाता है। इसके पाठ से मन में शांति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा जीवन की बाधाएँ दूर होने का विश्वास किया जाता है। यह स्तोत्र हमें सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और अंततः आत्मा को मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। इस स्तोत्र की रचना का कथानक इस गीत में पिरोकर आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है ,जिससे हम उस घटना और भक्तामर की रचना का रहस्य आसानी से समझ सकें song:khul gaye take nirale Singer : Roopesh jain backing vocals: roopali,aashima,deepa,manoj,anshul, Lyrics : Roopesh jain Music: originally composed by shri laxmikant pyarelal ji Music Arrangement : nitish dabla Recording : ND studio Mixing : Nitish dabla video credit : dharmendra ,dhiraj with team RJ Video : team RJ creation ____________________________________ contact for any inquiries collaboration,shows, recordings,music albums, customize song for your loved one +919425882104 | +919425145956 | +919926048017 | +919926048017 mail. kumarroopeshjain@gmail.com