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राम ने रावण को कैसे मारा? 🏹 रावण वध | रामायण EP 12

Divya Chitrakatha (दिव्य चित्रकथा)

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राम ने रावण को कैसे मारा? 🏹 रावण वध | रामायण EP 12

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Divya Chitrakatha (दिव्य चित्रकथा)
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▶ संपूर्ण रामायण क्रम से (EP 0–18):    • संपूर्ण रामायण – चित्रकथा | Ramayan Hand-D...   ⏮ पिछला एपिसोड: EP 11, संजीवनी 👉    • लक्ष्मण को बचाने हनुमान पूरा पर्वत क्यों उ...   ⏭ अगला एपिसोड: EP 13, अग्नि परीक्षा 👉    • सीता ने अग्नि में प्रवेश क्यों किया? 🔥 अग्...   🎬 इस कथा का Short:    • रावण का सिर कटता, फिर उग आता! 😱 | रामायण E...   🎬 इस कथा का Short:    • मरते हुए रावण ने लक्ष्मण को 3 बातें बताईं…...   🔔 Subscribe करें, ताकि अगला एपिसोड छूटे नहीं:    / @divyachitrakatha   संपूर्ण रामायण – चित्रकथा का बारहवाँ एपिसोड 🙏 दस सिर… एक कटता, तो वैसा ही दूसरा उग आता। लक्ष्मण फिर उठ खड़े हुए, और रथ पर सवार रावण के सामने धरती पर खड़े श्रीराम के लिए देवराज इंद्र ने अपना सोने का रथ भेजा — सारथी मातलि के साथ। रावण के बाण आग उगलते नाग बने, तो राम के बाण सोने के गरुड़। फिर युद्ध से थके राम के पास आए महर्षि अगस्त्य, और सिखाया आदित्य हृदय स्तोत्र — “आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्”। अपशकुनों के बीच आरंभ हुआ वह द्वैरथ युद्ध, जिसकी उपमा केवल वही है — “रामरावणयोर्युद्धं रामरावणयोरिव”। सौ सिर कटे, सात दिन-रात युद्ध चला, और तब मातलि के स्मरण कराने पर राम ने ब्रह्मा का अमोघ बाण साधा — जो रावण के हृदय को बेधकर चुपचाप तरकश में लौट आया। देवताओं की दुंदुभियाँ, फूलों की वर्षा, विभीषण का शोक, और श्रीराम का अमर वचन — “मरणान्तानि वैराणि”, वैर मृत्यु के साथ समाप्त हो जाता है। मंदोदरी का विलाप, रावण का राजसी अंतिम संस्कार, लक्ष्मण द्वारा विभीषण का राज्याभिषेक, और हनुमान से यह शुभ समाचार सुनकर सीता के आनंद के आँसू। हाथ से बने चित्रों में देखिए रामायण का सबसे बड़ा क्षण। 📖 अध्याय (Chapters) 0:00 शुरुआत — दस सिर 0:23 असमान युद्ध 0:41 इंद्र का रथ 1:13 रथ की परिक्रमा 1:27 नाग और गरुड़ 1:55 राम की ललकार 2:13 रावण का सारथी 2:42 महर्षि अगस्त्य 3:02 आदित्य हृदय स्तोत्र 3:44 अपशकुन 4:13 द्वैरथ युद्ध 4:26 गगनं गगनाकारं 4:47 कटते सिर 5:21 मातलि का स्मरण 5:35 ब्रह्मा का बाण 6:09 रावण वध 6:28 पुष्प वर्षा 6:46 रामचरितमानस में 7:05 विभीषण का शोक 7:46 मरणान्तानि वैराणि 8:06 मंदोदरी का विलाप 8:59 अंतिम संस्कार 9:27 विभीषण का राज्याभिषेक 10:10 सीता को संदेश 10:46 आगे की राह कथा का आधार: वाल्मीकि रामायण — युद्ध कांड (सर्ग 102–113; सर्ग-संख्या valmikiramayan.net के अनुसार)। “यह युद्ध बराबर नहीं” और इंद्र का रथ, कवच, धनुष, बाण और शक्ति: सर्ग 102 (102.5–7); रथ की परिक्रमा: 102.18; नाग-बाण और गरुड़ास्त्र (सोने के गरुड़): 102.22–26; राम की ललकार और सारथी का रथ लौटाना: सर्ग 103; रावण का सारथी को आभूषण देना: सर्ग 104; महर्षि अगस्त्य और आदित्य हृदय (“आदित्यहृदयं पुण्यं…” 105.4; तीन बार जप 105.26; सूर्यदेव का “शीघ्रता करो”): सर्ग 105; अपशकुन — रक्त-वर्षा, गिद्ध, लंका पर लाल साँझ (106.21–23): सर्ग 106; ध्वजा कटना, “गगनं गगनाकारं…” (107.52–53), सौ सिर कटना (107.55–57), सात दिन-रात युद्ध: सर्ग 107; मातलि का स्मरण (108.1–2), अगस्त्य का दिया ब्रह्मा का बाण (108.3; अरण्य कांड 12.33), बाण का वर्णन (108.6), धरती का डोलना (108.15), हृदय-भेदन (108.18), बाण का तरकश में लौटना (108.20), पुष्प-वर्षा (108.28): सर्ग 108; विभीषण का शोक, राम का धीरज, “मरणान्तानि वैराणि निर्वृत्तं नः प्रयोजनम्” (109.25): सर्ग 109; रानियों का विलाप: सर्ग 110; मंदोदरी का विलाप (इंद्रियों वाला श्लोक 111.18), विभीषण की दुविधा (111.95) और अंतिम संस्कार: सर्ग 111; मातलि की विदा और विभीषण का राज्याभिषेक (सोने का कलश, समुद्र का जल): सर्ग 112; हनुमान का सीता को संदेश (113.20): सर्ग 113। ध्यान दें: रावण की नाभि में अमृत और राम के इकतीस बाण का प्रसंग वाल्मीकि रामायण में नहीं है; यह गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस (लंका कांड, दोहा 101–102) से है, और कथा में भी इसे ऐसा ही बताया गया है। वाल्मीकि रामायण में ब्रह्मा का बाण रावण के हृदय को बेधता है। 🙏 कथा पसंद आए तो Like, Share करें और कमेंट में लिखें — जय श्री राम! आपको श्रीराम का कौन-सा वचन सबसे प्रेरक लगा? 🔔 अगला एपिसोड: सीता की अग्नि परीक्षा और अयोध्या वापसी — Subscribe करें @DivyaChitrakatha #Ramayan #रामायण #RavanVadh #रावणवध #ShriRam #AdityaHridayam #Vibhishan #Hanuman #JaiShriRam #रामकथा #HandDrawn #SanatanDharma #DivyaChitrakatha