Divine Murli | Date - 28-09-2026
Divine Murli
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28-09-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा"' मधुबन
मुरली सार:- “ मीठे बच्चे - - अभी तुम अमरलोक की यात्रा पर हो, तुम्हारी यह बुद्धि की रूहानी यात्रा है, जो तुम सच्चे-सच्चे ब्राह्मण ही कर सकते हो“ ”
प्रश्न:- अपने आपसे वा आपस में कौन सी वार्तालाप करना ही शुभ सम्मेलन है?
उत्तर:- अपने आपसे बातें करो कि हम आत्मा अब इस पुराने छी-छी शरीर को छोड़ वापिस घर जायेंगे। यह तन कोई काम का नहीं, अब तो बाबा के साथ जायेंगे। आपस में जब मिलते हो तो यही वार्तालाप करो कि सर्विस वृद्धि को कैसे पाये, सबका कल्याण किस तरह हो, सबको रास्ता कैसे बतायें... यही शुभ सम्मेलन है।
गीत:- दिल का सहारा टूट न जाये...
वरदान:- सर्व आत्माओं पर स्नेह का राज्य करने वाले विश्व राज्य अधिकारी भव जो बच्चे वर्तमान समय सर्व आत्माओं के दिल पर स्नेह का राज्य करते हैं वही भविष्य में विश्व के राज्य का अधिकार प्राप्त करते हैं। अभी किसी पर आर्डर नहीं चलाना है। अभी से विश्व महाराजन नहीं बनना है, अभी विश्व सेवाधारी बनना है, स्नेह देना है। देखना है कि अपने भविष्य के खाते में स्नेह कितना जमा किया है। विश्व महाराजन बनने के लिए सिर्फ ज्ञान दाता नहीं बनना है इसके लिए सबको स्नेह अर्थात् सहयोग दो।
स्लोगन:- जब थकावट फील हो तो खुशी में डांस करो, इससे मूड चेंज हो जायेगी।
Om Shanti